महिलाओ को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की जरूरत हैं : सीमा सिंह

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मेघाश्रेय फ़ाउंडेशन द्वारा बच्चों के बीच किताब, स्कूल बैग्स और महिलाओं के बीच सिलाई मशीन का किया गया वितरण

पटना, 24 मई : वंचित लोगों की बेहतरी और विशेष रूप से भूखे लोगों के लिए खाने की व्यवस्था करने अग्रणी सामजिक कल्याण की संस्था मेघाश्रेय फ़ाउंडेशन के द्वारा पटना के दीदारगंज स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी सीमा सिंह, श्रेय सिंह और विद्यालय के प्रधानाचार्य डाक्टर मृत्युंजय कुमार की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें ज़रूरत मंद बच्चों को शिक्षण सामग्री जैसे बुक्स, नोटपैड और स्कूल बैग साहित अन्य कई आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया।

इस अवसर पर ज़रूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीन भी वितरित की गयी जिसकी सहायता से वह आत्म निर्भर बन सके। इस अवसर पर सीमा सिंह ने समाज में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया।

सुश्री सीमा सिंह मुंबई की एक प्रमुख सामाजिक उद्यमी हैं। वह एनजीओ मेघाश्रेय फ़ाउंडेशन की संस्थापक हैं, जो भारत में वंचित लोगों की भलाई और भूखे लोगों को खाना खिलाने की दिशा में निरंतर काम करती है। एक गृहिणी के रूप में एक सामाजिक उद्यमी बनने के लिए, सीमा सिंह वर्ष 2000 में वंचित बच्चों, युवाओं और युवा महिलाओं और उनके परिवारों के साथ काम करने के लिए एक एनजीओ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया था, जिसका उद्देश्य उनके लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करना था।

उन्होंने अपने एनजीओ मेघाश्रेय फ़ाउंडेशन के संचालन के माध्यम से बड़े पैमाने पर मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो बच्चों की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, भोजन दान और बहुत कुछ के क्षेत्रों में काम कर रहा है।

अपने शुरुआती दिनों से, वह हमेशा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और जरूरतमंद लोगों की मदद करके दुनिया को रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाने की कामना करती है। जीवन में अपने मिशन को पूरा करने के लिए, उन्होंने 15 साल पहले विभिन्न सामाजिक पहल शुरू की। पिछले कुछ वर्षों में मेघाश्रेय फाउंडेशन ने कई खाद्य वितरण अभियान, शिक्षा से संबंधित पहल, पौधा वितरण अभियान, कंबल वितरण अभियान, और कई अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया है।

इस अवसर पर सीमा सिंह ने कहाकि मेघाश्रेय फाउंडेशन की शुरूवात दो प्रमुख उद्देश्य से हुयी थी समाज के वंचित लोग की सेवा और दूसरा पिछले वर्ग के लोगो को बेहतर मौका जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए अवसर मिले। आज नारी शक्ति का समय हैं शिक्षा से शक्ति की शुरूवात होती है। शिक्षा के माध्यम से हर औरत अपने आपको आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना सकती है।

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