योगी सरकार बहाल करेगी यशभारती पुरस्कार की पेंशन योजना

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यशभारती के तहत 50 हजार की पेंशन को बनाये रखने का आदेश हुआ है। इसके लिए संस्कृति विभाग में पेंशन को लेकर तैयारियां भी तेज हो गयी हैं

लखनऊ 4 अक्टूबर। अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में यशभारती पुरस्कार पर पहले सवाल उठाने वाली प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब इसकी पेंशन को फिर बहाल करने की ओर बढ़ रही है। सत्ता में आने के बाद से भाजपा ने समाजवादी पार्टी की सरकार के योजनाओं और उनके नामों को बदलना शुरू कर दिया था मगर अब अखिलेश सरकार की एक योजना का विरोध करने के बाद सरकार ने उस फिर शुरू करने का फैसला किया है।

भाजपा ने उत्तर प्रदेश की सत्ता पाते ही अखिलेश सरकार के कई कामों की जांच आदेश दिया था। अखिलेश यादव सरकार में शुरू कई योजनाओं का नाम भी बदल दिया था। भाजपा ने यशभारती पुरस्कार देने का काफी विरोध किया था। यश भारती पुरस्कार के तहत 50 हजार प्रति माह की पेंशन दी जाती है।

सरकार में आने के पहले से बीजेपी इस पुरस्कार पर सवाल उठाती रही है। सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने इस पुरस्कार को रोकने की तैयारी की थी।

मगर अब बीजेपी ने जिसका विरोध किया, उसी पर अमल करने की तैयारी कर ली है। यशभारती के तहत 50 हजार की पेंशन को बनाये रखने का आदेश हुआ है। इसके लिए संस्कृति विभाग में पेंशन को लेकर तैयारियां भी तेज हो गयी हैं।