आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग को लेकर 66 दिनों से चल रहा आंदोलन; पुलिस पर अभ्यर्थियों ने लगाया मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप, एक प्रदर्शनकारी अस्पताल में भर्ती
लखनऊ। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति दूर करने और नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए मंत्री से मुलाकात और अपनी मांगों पर वार्ता की अपील की, लेकिन काफी देर तक इंतजार के बाद भी बातचीत नहीं हो सकी।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग को आरक्षण का उचित लाभ नहीं मिला। उनका कहना है कि राज्य और केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से इस मामले में आदेश एवं संस्तुतियां जारी होने के बावजूद शासन स्तर पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। आंदोलनकारियों ने बताया कि वे पिछले 66 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें पहले मंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री और कैबिनेट स्तर पर मामला उठाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन के दौरान आरक्षण के समर्थन में नारे लगाए और मंत्री से बाहर आकर उनकी बात सुनने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर बसों से ईको गार्डन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर घसीटने और मारपीट करने का आरोप लगाया। इसी दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी दीपक पटेल की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि आरक्षण विसंगति दूर होने और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। महिला मोर्चा प्रमुख रंजना जायसवाल ने भी सरकार से महिला अभ्यर्थियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।







