कोर्ट ने दिया आदेश: सभी शिक्षकों को एक माह के अंदर पुनर्स्थापित करें
BBAU में तो गलत करने वाले को अच्छा बताते हैं
बता दें, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले इन सभी शिक्षकों ने परेशान होकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में न्याय के लिए गुहार लगाई थी तथा माननीय प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी स्थिति से अवगत कराया।
शिक्षकों का आरोप है कि उनको विज्ञापन नियम के अनुसार पहले साल उक्त शिक्षकों की परफॉरमेंस के आधार पर 1 साल बाद 5 साल के लिए सेवा विस्तार का प्रावधान था। लेकिन विवि प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए इन शिक्षकों को बिना किसी नोटिस के विवि से निकाल दिया था। ज्ञात हो BBAU में लगातार कई अनियमिताएं उजागर हो रही है।
फैसला आते ही शिक्षकों के खिले चेहरे: बोले भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत
इस मामले में शिक्षक डॉ. वेद कुमार का कहना है कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत है विवि में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि हम शिक्षकों से भी घूस की रकम मांगी गई और ना देने पर प्रशासनिक कार्रवाई भी झेलनी पड़ी और पिछले 6 महीने से जलालत की ज़िंदगी जी रहे है वर्ना यहाँ तो गलत करने वाले को अच्छा बताते हैं।फैसला आने के बाद अब ख़ुशी है यह एक भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत है।







