- यूपी सरकार ने 60 लाख अनमीटर्ड घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से वसूल की गयी रू0 523 करोड अधिक इलेक्ट्रिसिटी डयूटी को उपभोक्ताओं के बिलों में समायोजन का आदेश किया जारी
- प्रमुख सचिव ऊर्जा की ओर से जारी आदेश अब जबतक अधिक वसूल की गयी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी का ग्रामीण अनमीटर्ड बिजली उपभोक्ताओं के बिलो में नही हो जाता समायोजन उनकी डयूटी रहेगी शून्य
- उपभोक्ता परिषद ने कहा सरकार डयूटी का समायोजन उपभोक्ताओं के बिलों में ब्याज सहित करे वापस, और दोषियों को कराये दंडित
लखनऊ, 10 अप्रैल। प्रदेश के लगभग 60 लाख अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से 5 प्रतिशत की जगह अर्थ का अनर्थ लगाकर 20 प्रतिशत वसूल की गयी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी के संबंध में उप्र राज्य विद्युत परिषद, अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा की लडाई रंग लायी। लम्बे समय से उपभोक्ता परिषद ने इस मुददे पर संघर्ष किया।
नियामक आयोग में याचिका लगायी आयेाग अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव ऊर्जा/प्रबन्ध निदेशक से जवाब तलब किया और उन्हें डयूटी वापस करने का आदेश दिया था अंततः अब उप्र सरकार ने पिछले 5 वर्षों में वसूल की गयी अधिक इलेक्ट्रिसिटी डयूटी को प्रदेश के 60 लाख अनमीटर्ड घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को वापस करने का फैसला ले लिया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार की ओर से सभी बिजली कम्पनियों के प्रबन्ध निर्देशकों को यह निर्देश जारी किया गया है कि 5 प्रतिशत की जगह जो 20 प्रतिशत अधिक वसूल की गयी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी है उसका समायोजन संबंधित उपभोक्ताओं के बिल में अब सम्मिलत की गयी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी के सापेक्ष तब तक कर दिया जाये जब तक अधिक वसूल की गयी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी का समायोजन समाप्त न हो जाये यानि कि आगे जब तक अधिक वसूल की गयी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी उपभोक्ताओं के बिलों में समायोजित नही हो जाती ऐसे उपभोक्ताओं की 5 प्रतिशत लगने वाली डयूटी शून्य रहेगी।
उपभोक्ता परिषद ने इस आदेश को जारी कराने के संघर्ष में उपभोक्ताओं का पूरा साथ देने के लिये प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा का आभार व्यक्त किया है और उन्हें प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से धन्यवाद दिया है। उपभोक्ता परिषद ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग उठायी है कि गलत आदेश कर अधिक वसूल की गयी डयूटी पर उपभोंक्तओं को मय ब्याज सहित वापसी कि जाये और जो अधिकारी इसके लिये दोषी हं उन्हें दंडित कराया जाये।उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा अलग अलग पिछले 5 वर्षों में तय टैरिफ के अनुसार लगभग 40 से 60 लाख ग्रामीण घरेल अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं से कलेक्शन इफिसेन्सी के अनुसार लगभग 523 करोड इलेक्ट्रिसिटी डूयटी अधिक वसूली की गयी है। एक उपभोक्ता से पिछले 5 वर्षों में तय टैरिफ के बिल पर अलग अलग वर्षों में कुल लगभग रू0 940 इलेक्ट्रसिटी डयूटी अधिक वसूलन की गयी है। जो उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित होगी। लगभग 163 करोड इलेक्ट्रिसिटी डयूटी जो ग्रामीण अनमटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं के बिलों मे लगायी गयी लेकिन उपभोक्ताओं ने बिल जमा नही किया। ऐसे में यह राशि भी उपभोक्ताआं के बकाया में से घटानी होगी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि चूंकि अधिक वसूल की गयी इलेक्ट्रिटी डयूटी का समायोजन उपभोक्ताओं के बिल में पूरा होने में कम से कम डेढ वर्ष लग जायेगा क्योकि इस वित्तीय वर्ष में घरेलू अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरें काफी बढ गयी हंै। ऐसे में पावर कारपोरेशन की गलती से जो इलेक्ट्रिसिटी डयूटी के मद में अधिक वसूल की गयी धनराशि है उस पर सरकार उपभोक्ताओं को ब्याज भी दे।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने पावर कारपोरेशन प्रबन्धन से यह भी मांग उठायी है कि प्रबन्धन यह भी व्यवस्था सुनिश्चित करे कि जिन ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं से पिछले 5 वर्षों में प्रत्येक उपभोक्ता से लगभग रू0 940 अधिक वसूला गया है। चॅुकि इसकी वापसी करते लगभग डे़ढ वर्ष लग जायेंगे औरइस बीच लाखों अनमीटर्ड घरेलू ग्रामीण उपभोक्ता मीटर्ड हो जायेंगे या हो गये होंगे। उनकी भी पूर्व में अधिक वसूल की गयी धनाशि की वापस बिलिंग साफटवेयर में करायी जाये।






