Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    रामायण सर्किट और सांस्कृतिक संबन्ध

    By May 13, 2018 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 661
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    विदेश नीति के क्षेत्र में मित्र देशों का विशेष महत्व होता है। लेकिन कुछ देश इस श्रेणी से भी ऊपर होते है। इन्हें बन्धु देश होते है। इनके बीच साझा सांस्कृतिक विरासत होती है। जिसे कभी अलग नहीं किया जा सकता। भारत और नेपाल के संबन्ध इसी श्रेणी में आते है। यह सही है कि इसमें अनेक उतार चढ़ाव भी हुए है। चीन समर्थित माओवाद ने भी इन संबंधो में कड़वाहट घोलने का प्रयास किया। इसके वावजूद रिश्तों को मूल धरोहर अपनी जगह पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कहना ठीक है कि भारत और नेपाल के संबन्ध त्रेता युग से चले आ रहे है। इसका सही समय भी बताना संभव नहीं है। नेपाल के बिना भारत अधूरा है। जनकपुर के बिना अयोध्या की पूर्णता नहीं हो सकती। इस दृष्टि से जनकपुर और अयोध्या की बस सेवा का केवल यातायात की दृष्टि से नहीं सांस्कृतिक महत्व भी है। भारत और नेपाल के प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से इस बस को जनकपुर से रवाना किया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह पूर्वक अयोध्या में इस बस के यात्रियों का स्वागत किया।
    यह न तो सामान्य मार्ग था, न सामान्य यात्रा, यह दो देशों के भावनात्मक रिश्तों को रेखांकित करने वाला अवसर था। इसीलिये जनकपुर से लेकर अयोध्या तक उत्सव का माहौल था। नेपाल के प्रदेश दो की मंत्री सरोज की मंत्री सरोज कुशवाहा, उषा यादव, जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा भी बस यात्री के रूप में अयोध्या पहुंची थी। योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई अगवानी से सभी यात्री भाव विभोर थे। योगी जी ने ही ठीक कहा कि जनकपुर को अयोध्या से, काशी को काठमांडू से बस सेवा द्वारा जोड़ना नरेंद्र मोदी के समय में ही संभव हुआ। राजा दशरथ और राजा जनक, अयोध्या व जनकपुर पशुपतिनाथ और काशी विश्वनाथ की कड़ियाँ भारत तथा नेपाल को जोड़ती है। ये राजनीतिक संबंधों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके अलावा मोदी ने महत्वकांक्षी अरुण तीन पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखी।
      
    यह भी अच्छा है कि नेपाल के वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत से रिश्ते मजबूत बनाना चाहते है। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले भारत की ही यात्रा की थी। नौ हजार मेगावाट की इस परियोजना से भारत नेपाल दोनों की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी। काठमांडू से रक्सौल रेल मार्ग को भी विकसित किया जाएगा।
    नेपाल के प्रधानमंत्री ने भी इसी के अनुरूप इच्छाशक्ति दिखाई। उन्होंने कहा कि नेपाल अपनी जमीन का भारत के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देगा। भारतीय हितों के प्रति नेपाल संवेदनशील है। दोनो देशों के बीच अट्ठारह सौ पचास किमी सीमा है। जो उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड,और सिक्किम तक फैली है। 1950 के समझौते से दोनों के बीच मुक्त व्यापार लागू है। इसी के अनुसार वीजा की जरूरत नहीं होती है। इस स्थिति का आपसी सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से उपयोग किया जाएगा। रामायण सर्किट, बस सेवा को भी इसी संदर्भ में देखना होगा।
    रामायण सर्किट की कल्पना नरेंद्र मोदी ने ही कि थी लेकिन उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया था। जबकि योगी आदित्यनाथ ने इसे प्राथमिकता दी। अयोध्या के कारण उत्तर प्रदेश में इसका विशेष महत्व है।  मोदी की यात्रा का  निर्धारण इसे ध्यान में रखकर किया गया। योगी आदित्यनाथ  इस पर विशेष ध्यान दे रहे है। अयोध्या से जनकपुर तक के लिए बस सेवा से इसे नया रूप मिला है। इसका मकसद रामायण सर्किट को जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने  अयोध्या से जनकपुर के लिए बस को  रवाना किया।
    नेपाल के साथ सांस्कृति, धार्मिक रिश्ते के साथ यातायात भी सुगम हुआ है। रेल मार्ग पर भी  दोनों देशों के बीच संयुक्त समिति  विचार करेगी। यह समिति इस साल के आखिर तक इस परियोजना पर अपनी रिपोर्ट देगी, ताकि समय रहते रक्सौल के काठमांडू को रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। जाहिर है कि मोदी की नेपाल यात्रा बहुत उपयोगी साबित हुई है। नेपाल स्वतंत्र संप्रभु देश है। उसके अन्य देशों के साथ आर्थिक, व्यापारिक संबन्ध है। लेकिन भारत के साथ बंधुत्व के स्तर का जो संबन्ध है, वह बेजोड़ है। नेपाल और वहां के लोगों को यह तथ्य ध्यान में रखना चाहिए। चीन कभी भारत की जगह नहीं ले सकता।

    Keep Reading

    देह से परे, आत्मा के समीप; एक निष्काम प्रेम-यात्रा

    Dharmendra 'Pradhan' may face action

    धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नैतिकता नहीं, भारी आक्रोश के चलते शिक्षा मंत्री पद से हटे

    “My children are inside; I am standing outside” – This hell of child labor must end now.

    ‘मेरे बच्चे अंदर हैं, मैं बाहर खड़ा हूँ’ – बाल श्रम की इस नरक को अब बंद होना चाहिए

    the-nations-future-on-the-streets-of-delhi

    दिल्ली की सड़कों पर देश का भविष्य!

    क्रूर नियति के बीच हमारी क्रूरता और उम्मीद की कुछ किरणें

    The battle between development and the environment in Uttarakhand.

    उत्तराखंड में विकास बनाम पर्यावरण की जंग

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: कुलदीप माइती की अहम भूमिका, भाजपा टिकट पर लड़ सकते हैं चुनाव?

    July 28, 2026

    मोदी जी का सिपाही! रूपेश पाण्डेय की मेहनत रंग लाई, बिहार में गूंज रहा नाम

    July 28, 2026

    देह से परे, आत्मा के समीप; एक निष्काम प्रेम-यात्रा

    July 28, 2026

    McVitie’s की पैरेंट कंपनी का 2030 तक बेहतर न्यूट्रिशन वाले प्रोडक्ट्स की सेल दोगुनी करने का लक्ष्य

    July 28, 2026
    Mojtaba Khamenei's open support for Hezbollah.

    मोजतबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को खुला समर्थन

    July 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading