मंच ने द्वितीय राजभाषा उर्दू का पालन न किए जाने का लगाया आरोप
लखनऊ/प्रतापगढ़ 8 जून। अवध विकास मंच उत्तर प्रदेश ने मुख्य सचिव राजीव कुमार से मुलाकात कर प्रतापगढ़ में शासनादेश के बावजूद सरकारी कार्यों में हिंदी के साथ-साथ द्वितीय राज भाषा उर्दू के प्रयोग कराए जाने के संबन्ध में मुलाकात की। मंच ने मुख्य सचिव से जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को निर्देश जारी करने की मांग की।
अवध विकास मंच के अध्यक्ष शम्स तबरेज ने कहा कि प्रतापगढ़ जनपद में शासनादेष के बावजूद और माननीय उच्चतम न्यायालय के संवैधानिक पीठ द्वारा सिविल अपील संख्या 459 वर्ष 1997 में दिनांक 4 सितंबर 2014 को दिए गए निर्णय की खुली अवहेलना हो रही है। उन्होंने मांग की कि अगर एक माह के अंदर जनपद के समस्त विभागों में द्वितीय राजभाषा उर्दू का पालन नहीं किया गया तो अवध विकास मंच राज्य मुख्यालय लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेगा और उच्चतम न्यायालय में वाद भी दायर करेगा।
मंच ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज भाषा संषोधन अधिनियम 1989 तथा तत्क्रम में जारी अधिसूचना संख्या 4171/21-89-1-1980 दिनांक 7 अक्टूबर 1989 एवं नवीनतम शासनादेश संख्या 114/21-1-2015-1 (3)/97 दिनांक 21 अप्रैल 2015 भाषा अनुभाग 1 के क्रियान्वयन हेतु जारी शासनदेशों की ओर मुख्य सचिव का ध्यान आकर्षित कराया।






