- यौन शोषण के आरोप में फंसे एमजे अकबर
लखनऊ, 10 अक्टूबर 2018: इस तस्वीर में अज़ान देने की मुद्रा में दिख रहे हैं एम. जे. अकबर। लेकिन ये तस्वीरे अज़ान देने की नहीं बल्कि भाजपा की प्रेस ब्रीफिंग की है। इसलिए इतना याद रखिए कि तस्वीर, नाम और नामदार लोग आंखों का धोखा भी हो सकते हैं।
अज़ान में कहे जाने वाले- अल्लाह हो अकबर का अर्थ है- ‘अल्लाह महान है’ ।
यानी अरबी भाषा में अकबर का अर्थ महान होता है। लेकिन कभी कभी चरित्रहीन लोग अपने नाम के अर्थ का अनर्थ कर देती है। पाक नाम को नापाक कर देते हैं। जनहित के पेशे को कलंकित कर देते हैं। चाल-चरित्र और चेहरे की पाकीजगी के दावों पर दाग लगा देते हैं।
महिला पत्रकार के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगने के बाद मंत्री जी ने अभी कोई सफाई नहीं दी है। पत्रकारिता और मुस्लिम समाज की नुमाइंदगी करने वाले इस शख्स ने भाजपा को कुछ देने के बजाय पार्टी के सम्मान को ठेस पंहुचा दी। पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आये एम जे अकबर अब अपने नाम के अर्थ से दूर हो गये हैं। उनका भी नाम महिलाओं द्वारा आरोपित यौन शोषणकर्ताओं में शामिल हो गया। भाजपा में शामिल होते ही बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री बन गये एम जे अकबर के संघर्ष की कोई गाथा नहीं है। पत्रकारिता में भी वो बड़े से बड़े मीडिया घरानों में उंचे से ऊंचे ओहदों पर काबिज रहे थे। अब लोग शक करने लगे हैं कि ये महाशय महिलाओं के देह की सीढ़ियों से तो पत्रकारिता और राजनीति की उंची मंजिलों तक नहीं पंहुचे थे! वरना सियासत और पत्रकारिता में ऊंचे मकाम तक पहुंचने के लिये लम्बा संघर्ष और मेहनत का पसीना बहाना पड़ता है।
हम आम इंसान हीनता की भावना में हर बड़े और कामयाब इंसान को कभी-कभी उसके क्षेत्र का खुदा मान लेते हैं। आसाराम.. राम रहीम से लेकर ना जाने कितनी चर्चित हस्तियों को सिर आंखो पर बैठा लेते हैं। इस तरह कई बार हम धोखा खाते रहे और हमारे विश्वास का खून होता रहा है।
किसी कामयाब इंसान को उसकी कामयाबी से प्रभावित होकर अल्लाह /भगवान जैसा सम्मान मत दीजिए । किरदार की भक्ति कीजिए ओहदे की नहीं। कोई जरूरी नहीं कि अल्लाह हो अकबर। अल्लाह महान जरूर है लेकिन दुनिया के तमाम अकबर अपने नाम के विपरीत महान के बजाय शैतान साबित होते रहे हैं। एम जे अकबर जैसे कामयाब पत्रकार और मंत्री पर शैतानियत का इल्जाम लग गया हैं। लूकिन कोई गरीब, कमजोर और नाकाम-बेनाम महान और अल्लाह वाला जरूर हो सकता है। इसलिए हर बड़े ओहदेदार की कामयाबी से प्रभावित होकर आंख बंद कर के उसकी भक्ति मत कीजिए। कामयाबी और उंचे ओहदे के रास्ते नारी देह से होकर भी गुजरते है।
– नवेद शिकोह







