लखनऊ, 07 फरवरी 2019: वर्ष 2019-20 के बजट में सरकार को यह भी सोचना चाहिए था कि कनेक्शन देने मात्र से गरीब परिवारों के घरों में उजाला नहीं होगा। गरीब परिवारों के घरों में लगातार उजाला तभी सम्भव है जब उनकी बिजली दरें कम हों।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यूपी सरकार द्वारा आज वर्ष 2019-20 के लिये बजट पेश किया गया, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र को भारी निराशा हाथ लगी है। सरकार को इस बजट में यह भी सोचना चाहिए था कि कनेक्शन देने मात्र से गरीब परिवारों के घरों में उजाला नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के घरों में लगातार उजाला तभी सम्भव है जब उनकी बिजली दरें कम हों। इस बजट में पूरे सौभाग्य योजना के तहत जगमग परिवार इस आस में था कि उनकी बिजली दरों के लिये सरकार कोई नयी योजना लाकर उन्हें सस्ती दरों पर बिजली का इन्तजाम करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।







