डॉ दिलीप अग्निहोत्री
शीतयुद्ध के दौर में भारत और रूस के संबन्ध बहुत मजबूत थे। लेकिन इसके बाद बदली वैश्विक व्यवस्था का प्रभाव इस दोस्ती पर भी पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सिरे से प्रयास किया। इसका असर हुआ। भारत और रूस के संबन्ध पुनः पटरी पर आ गए है। पिछले कुछ दिनों में इसके प्रमाण भी मिले है। कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने भारत को समर्थन दिया। उत्तर प्रदेश में रूस के प्रतिनिधि मंडल की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में योगी आदित्यनाथ सहित अनेक मुख्यमंत्री रूस यात्रा पर गए। इन सभी प्रयासों से दोनों देशों के बीच सहयोग आगे बढ़ा है। योगी आदित्यनाथ ने रूस यात्रा के दौरान भारतीय उद्यमियों के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं ऊर्जा विषय पर आधारित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। रूस के ज़बाइकल्स कृषि क्षेत्र और उत्तर प्रदेश ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के सेक्टर में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग आठ मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के विकास की संभावनाएं विद्यमान हैं, जो निवेश की संभावनाओं के अवसर प्रदान करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तथा रूस के विगत सात दशकों से प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। आजादी के तुरंत बाद भारत की प्रगति में रूसी सहयोग का बड़ा हाथ रहा है। रक्षा, औद्योगिक तथा परमाणु क्षेत्र में हमें रूस का भरपूर सहयोग मिला है। यह कहना गलत नहीं होगा की रूस एवं भारत की मित्रता वर्ष दर वर्ष प्रगाढ़ होती गई है तथा हम एक दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर के रूप में स्थापित हुए हैं। पूरे देश की तरह मेरे उत्तर प्रदेश में भी इस सहयोग क अनेक उदाहरण मौजूद हैं। उन्नीस सौ अड़सठ में ओबरा तथा उन्नीस सौ इकहत्तर में हरदुआगंज में सोवियत संघ के सहयोग से थर्मल पावर प्लांट का निर्माण किया गया।

रूसी कंपनियों द्वारा टेहरी एवं कोटेश्वर हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के निर्माण में सहयोग प्रदान किया गया। कृषि एवं कॉनट्रैक्टफार्मिंग के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद शीर्षस्थ शोध एवं विकास संस्थाएं मेरे देश में स्थापित हैं और इन संस्थाओं के विशेषज्ञता एवं मार्गदर्शन से सुदूर पूर्वी रूस में कृषि चुनौतियों की दूर कर कृषि के समेकित विकास की संभावनाओं के लिये रोड मैप तैयार करने में सहायक होंगी।
भारत पशुधन के क्षेत्र में विश्व में प्रथम स्थान है और देश में पशुधन विकास के गतिविधियों को वृहद स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य में दुग्ध आधारित मूल्य सम्वर्द्ध एवं वैल्यू चेन के लिए आवाश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु प्रभावी उपाय लागू किए गए हैं। जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को बढ़ाने, जन सामान्य को निरन्तर शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य प्रदार्थों की♿ उपलब्धता बनाए रखने, तुड़ाई उपरांत क्षति को कम करने तथा किसानों के उत्पाद के उचित मूल्य की प्राप्ति के उद्देश्य से देश में विशाल मात्रा में मेगा फूड पार्क तथा कोल्ड चेन स्थापित किए जा रहे हैं। तकनीकि कुशलता एवं संसाधनों के प्रबंधन की जो विधा हमारे निवेशक यहां अपनाते हैं, वह निश्चित रूप से सुदूर पूर्वी रूस में बेहतर उत्पादन एवं निवेश का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
उत्तर प्रदेश ऑफ ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्रों यथा सोलर स्ट्रीट लाईट, सोलर आर. ओ. वाटर प्लांट, सोलर पावर पैक, सोलर मिनी-ग्रिड पावर प्लांट एवं सोलर हाई-मास्ट की स्थापना में अग्रणी है। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल, रूस के उप मुख्यमंत्री यूरी त्रुतनेवा, रूस के गवर्नर, व्लादिवोस्टोक के मुख्यमंत्री समेत रूस एवं भारत के कई उद्यमी मौजूद रहे। सुदूर पूर्व रूस में भारत रूस सहयोग मजबूत होगा। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं ऊर्जा से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत तथा रूस के विगत सात दशकों से प्रगाढ़ सम्बन्ध रहे हैं। रक्षा, औद्योगिक तथा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत को रूस का भरपूर सहयोग मिला है। दोनों देश एक-दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर के रूप में स्थापित हुए हैं।
रूसी कम्पनियों द्वारा टेहरी एवं कोटेश्वर हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्लाण्ट के निर्माण में सहयोग प्रदान किया गया। सुदूर पूर्वी रूस में कृषि चुनौतियों को दूर करने तथा कृषि के समेकित विकास की सम्भावनाओं के लिये रोड मैप तैयार करने में सहायक होगा।
भारत पशुधन के क्षेत्र में विश्व में प्रथम स्थान पर है। देश में पशुधन विकास के गतिविधियों को वृहद स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में दुग्ध आधारित मूल्य सम्वर्द्धन एवं वैल्यू चेन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु प्रभावी उपाय लागू किए गए हैं, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
देश में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को बढ़ाने, जन सामान्य को निरन्तर शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य प्रदार्थों की उपलब्धता बनाए रखने, फसलों की कटाई के उपरान्त क्षति को कम करने तथा किसानों के उत्पादों के उचित मूल्य की प्राप्ति के उद्देश्य से देश में बड़ी संख्या में मेगा फूड पार्कों समेत कोल्ड चेन स्थापित की जा रही है। इस प्रकार की तकनीकी कुशलता एवं संसाधनों के प्रबन्धन की जो विधा हमारे निवेशक अपनाते हैं, वह निश्चित रूप से सुदूर पूर्वी रूस में बेहतर उत्पादन एवं निवेश का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। उत्तर प्रदेश ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्रों यथा सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर आरओ वाटर प्लाण्ट, सोलर पावर पैक, सोलर मिनी-ग्रिड पावर प्लाण्ट एवं सोलर हाई-मास्ट की स्थापना में अग्रणी है। सुदूर पूर्वी रूस के क्षेत्रों में सस्ती विद्युत आपूर्ति में उत्तर प्रदेश के ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्र कारगर साबित हो सकते है।
रूस रवाना होने से पहले भी योगी आदित्यनाथ दोनों देशों की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे। इसका आयोजन लखनऊ में हुआ था। इसमें भी योगी आदित्यनाथ ने दोनों देशों में सहयोग बढ़ाने के रोडमैप पर विचार विमर्श किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि भारत और रूस के बीच सहयोग पूर्ण संबन्ध पुराने है। अंतरराष्ट्रीय स्थिति में इस बीच बड़े बदलाव हुए है। वैश्विक व्यवस्था द्विध्रुवीय से एक ध्रुवीय हो चुकी है। इसके बाद भी रूस से भारत के संबन्ध बेहतर रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में प्रभावी कदम भी उठाए है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कई बार उनकी सौहार्दपूर्ण वार्ता हो चुकी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल बारह और तेरह अगस्त को रूस जाएगा। यह रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र की यात्रा करेगा। खासतौर पर काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग, रिन्युएबल इनर्जी तथा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उप्र के उद्यमी रूस में निवेश की सम्भावनाएं तलाश करेंगे। रूस में इकाई स्थापित करने वाले उद्यमियों के लिए यूरोप का बाजार खुल जाएगा, जिससे उनके व्यापार का व्यापक विस्तार सम्भव हो सकेगा। प्रदेश के उद्यमियों के लिए यह एक अच्छा मौका साबित होगा। एमओयू हस्ताक्षरित होने के बाद उद्यम स्थापना में भारत सरकार हर सम्भव मदद करेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र की यात्रा पर जाने वाले भारतीय प्रतिनिधिमण्डल के सम्बन्ध में आयोजित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रदेश के प्रमुख उद्यमियों की बैठक की अध्यक्षता की। रूस में टिम्बर और माइनिंग के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उद्यमियों को सम्भावनाओं को तलाशने और इन सेक्टरों में निवेश करने का सुझाव दिया।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव उद्यान तथा खाद्य प्रसंस्करण श्री सुधीर गर्ग ने मुख्यमंत्री जी के समक्ष सभी उद्यमियों को बारह तथा तेरह अगस्त को व्लाडीवोस्टक में आयोजित रशिया-इण्डियन बिज़नेस मिशन कार्यक्रम के विषय में विस्तार से जानकारी दी। इस बैठक में खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी तथा ऊर्जा सेक्टर के राज्य के प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमण्डल रशिया-इण्डियन बिज़नेस मिशन में भाग लेने के लिए रूस जा रहा है। इस प्रतिनिधिमण्डल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सहित गोवा, हरियाणा, गुजरात तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रीगण भी भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश के उद्यमी कृषि, खाद्य प्रसंस्करण तथा ऊर्जा सेक्टर में सम्भावनाओं को तलाशेंगे।






