छात्रों को न सिर्फ नौकरी, बल्कि भविष्य के लिए तैयार कर रहा है
मुंबई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के इस दौर में पारंपरिक शिक्षा मॉडल अब पुराने पड़ गए हैं। ऐसे में डब्लूपीयू गोवा (WPÜ Goa) ने भविष्य की शिक्षा का नया रोडमैप पेश किया है। विश्वविद्यालय का ‘ट्रांसडिसिप्लिनरी’ शिक्षा मॉडल छात्रों को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन भर सफल रहने वाले कौशल से लैस कर रहा है।
ओपन हाउस में दिखा भविष्य का विजन
मुंबई में आयोजित ‘ओपन हाउस’ कार्यक्रम में डब्लूपीयू गोवा के शिक्षाविदों ने जोर देकर कहा कि आने वाला समय उन छात्रों का होगा जो अलग-अलग क्षेत्रों के ज्ञान को जोड़कर नई समस्याओं का समाधान कर सकें। विषय विशेषज्ञता अब काफी नहीं, जरूरत है मल्टी-डिसिप्लिनरी सोच की।
वाइस चांसलर का संदेशडब्लूपीयू गोवा के वाइस चांसलर प्रोफेसर वाल्टर लील ने कहा, “हम छात्रों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि जीवन भर सीखने, नेतृत्व करने और हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता देना चाहते हैं।”
प्रो-वाइस चांसलर का खुलासाप्रो-वाइस चांसलर डॉ. आशीष भारद्वाज ने कहा, “भविष्य उन लोगों का है जो लगातार सीख सकते हैं, नए विचारों को जोड़ सकते हैं और पारंपरिक सीमाओं से बाहर सोच सकते हैं।”
अब जिज्ञासा और अनुकूलन क्षमता सबसे जरूरी
कार्यक्रम में यह बात साफ हुई कि AI के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ जिज्ञासा (Curiosity), अनुकूलन क्षमता (Adaptability) और आजीवन सीखने की आदत भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
डब्लूपीयू गोवा का मानना है कि उच्च शिक्षा का असली मकसद छात्रों को सिर्फ आज के बाजार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन भविष्य के अवसरों के लिए भी तैयार करना है जिनकी कल्पना आज हम नहीं कर सकते।
यह अनोखा शिक्षा मॉडल उन अभिभावकों और छात्रों के लिए नई उम्मीद जगाने वाला है जो पारंपरिक डिग्री से आगे सोचते हैं और भविष्य में लीडर बनना चाहते हैं।







