देश की बात: नवेद शिकोह
देश को बर्बाद करने वाली देशद्रोही शक्तियों ने हर जगह हिन्दू-मुसलमान का माहौल खड़ा कर रखा है।
तेजाब फेकने वाला मुस्लिम नहीं था, जघन्य अपराध का गुनाहगार था। निर्भया के चार दरिंदे जिन्हें फांसी दी जानी है वे कतई हिन्दू नहीं थे, वे दरिंदे थे..अपराधी थे.. बलात्कारी थे।
तेजाब फेकने वाला इस्लाम को मानने वाला मुस्लिम होता तो तेजाब नहीं फेकता। निर्भया से दरिंदगी करने वाले चारों बलात्कारी सनातन धर्म को मानने वाले हिंदू होते तो निर्भया के साथ दरिन्दगी नहीं करते।

दरअसल किसी अपराधी को उसके धर्म से जोड़ने वाले तेजाब फेकने या बलात्कार करने वालों के समर्थक/ हिमायती हैं। ये इनके गुनाहों को ढक कर धर्म मे उलझाना चाहते हैं। अपराधी को उसके नाम से नजर आने वाले धर्म से जोड़ने वाले सभी साम्प्रदायिक लोग बलात्कारी और तेजाब फेकने वालों से भी ज्यादा सामाजिक अपराधी हैं।







