Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, June 8
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    वो मुझे मार देता, इससे पहले मैंने उसे मार दिया

    ShagunBy ShagunApril 22, 2026 ब्लॉग No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Iran Closes Strait of Hormuz Again Within 24 Hours: Firing on Indian Ships, Tensions at Peak
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 122

    शक के आधार पर ईरान पर हमला कर फंसे ट्रंप,अब निकलना पड़ा रहा है भारी

    ओम माथुर

    अदालत में मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। जज ने आरोपी से पूछा, उसने अपने पड़ोसी का खून क्यों कर दिया। आरोपी ने कहा, उसे ऐसा पता चला था कि अगर वह पड़ोसी का खून नहीं करता, तो पड़ोसी उसका खून कर देता। जज ने पूछा उसे ऐसा क्यों लगा,तो उसने जवाब दिया कि उसके दूसरे पड़ोसियों और दोस्तों ने उसे ऐसा बताया था।

    ठीक ऐसा ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। उन्हें यह शक था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला नहीं किया, तो ईरान जल्द हमला कर देगा। उन्हें कुछ अधिकारियों ने इसके तथ्य दिए थे। लेकिन वो तथ्य क्या थे, इसकी जानकारी ट्रंप ने नहीं दी। अब बताएं, उसे मूर्ख पड़ोसी और ट्रंप में क्या ज्यादा अंतर है। जिस युद्ध में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। जिसके कारण करीब 100 से अधिक देश तेल और गैस संकट का सामना कर रहे हो। जिस युद्ध में हजारों निर्दोष लोग मारे गए हो,उस हमले का करने का आधार महज ट्रंप का शक था।

    अमेरिका ने ईरान को फ्लावर समझकर हमला किया था, लेकिन वह फायर निकला। उसने युद्ध में अमेरिका और इजराइल को कड़ा मुकाबला दिया। कई बार तो ऐसा लगा कि ईरान से ज्यादा अमेरिका इस युद्ध से बाहर निकलना चाहता है। पहले दो सप्ताह का सीजफायर और उसके बाद ईरान के शांति वार्ता में शामिल नहीं होने का अड़ियल रवैया अपनाने के बाद भी ट्रंप ने सीजफायर बढ़ा दिया है। जबकि ईरान शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान में अपना डेलिगेशन भेजने से इनकार कर चुका था। उसके बाद ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जीडी वैंस की यात्रा टाली गई। अब ट्रंप की अच्छी तरह समझ में आ गया है कि युद्ध में ईरान पर पार पाना इतना आसान नहीं है।Deadline Expires, Trump Now in ‘Action Mode’: Flatly Refuses to Extend Ceasefire

    अमेरिका ने जिन तीन उद्देश्यों को लेकर ईरान पर हमला किया था, वो थे ईरान में सत्ता परिवर्तन,ईरान के तेल भंडार और संवद्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में करना था। लेकिन इसमें से वह एक भी उद्देश्य को पूरा नहीं कर सका। उलटा जिन अरब देशों को अमेरिका की सुरक्षा पर यकीन था, उसे भी ईरान ने हिलाकर रख दिया है। जिन अरब देशों में अमेरिकी सैनिक अड्डे थे,वहां ईरान ने मिसाइल और ड्रोन बरसाकर उन्हें भी अपनी ताकत का अहसास करा दिया। इस युद्ध में होर्मुन स्ट्रेट ईरान के लिए तुरूप का पत्ता बन गया। उसने युद्ध शुरू होते ही होर्मुज पर कब्जा कर दुनिया भर को तेल और गैस के संकट में डाल दिया। होर्मुज का महत्व समझ में आने पर अमेरिका ने इसकी नाकाबंदी करके ईरान से जाने वाले तेल गैस को भी रोक दिया। जबकि पहले ट्रंप कहते रहे हैं कि होर्मुज से अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है। उसकी सुरक्षा वही देश करें, जहां से उनके लिए तेल और गैस जाता है।

    उधर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका होर्मुज की नाकाबंदी नहीं हटाएगा, तब तक शांति वार्ता का कोई मतलब नहीं है। लेकिन अमेरिका ने इससे साफ इंकार कर दिया है। यानी अब इस युद्ध का केंद्र होर्मुज बन गया है। वहां ईरान के जहाज को अमेरिका द्वारा सीज करने और दो भारतीय जहाजों सहित कुछ जहाजों पर गोलीबारी भी हो चुकी है। ईरान ने पूरे हार्मोन में माइंस भी बिछा रखी है यानी अगर जहाज उसकी इजाजत बिना गुजरे तो वह विस्फोट से उन्हें उड़ा भी सकता है। यानि अब शांति वार्ता सफल नहीं होती है, तो अगला युद्ध आसमान की जगह समुद्र में होगा।

    एक और तो ट्रंप ने शक के आधार पर इस युद्ध को शुरू किया। दूसरी ओर वह उस पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाकर आगे बढ़ रहा है, जिसकी दुनिया भर में कोई विश्वसनीयता ही नहीं है। सीजफायर के पहले दौर में शर्तों को लेकर विवाद हो चुका है और आरोप लगा था कि पाकिस्तान ने ईरान को भुलावे में रखा।‌पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराकर चैंपियन बनना चाहता है। लेकिन फिलहाल उसकी बार-बार खिल्ली उड़ रही है । फिलहाल दोनों देश शांति वार्ता की ओर बढ़ते हुए नहीं दिख रहे हैं। अमेरिका जहां शांति वार्ता नहीं होने पर भीषण हमले करने की धमकी दे रहा है, तो ईरान की आईजीसी में भी हमले का जोरदार जवाब देने की चेतावनी दे दी है उसने भी कहा है कि दो हफ्तों के युद्ध विराम के दौरान ईरान ने फिर मजबूती हासिल कर ली है।

    Shagun

    Keep Reading

    Human rights situation in Tibet goes from bad to worse: China's dominance further increases.

    तिब्बत में मानवाधिकारों की स्थिति बद से बदतर, चीन का दबदबा और बढ़ा

    7 ballistic missiles fired; US attacked radar sites.

    ईरान- अमेरिका तनाव चरम पर: 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, US ने रडार साइट्स पर हमला किया

    Humanity triumphs in the Malviya Nagar fire incident.

    मालवीया नगर अग्निकांड में इंसानियत की जीत

    सोनिया गांधी का समर्पण और आज की कुर्सी-लोलुप सियासत

    तपती रातें और झुलसाती गर्मी: स्वास्थ्य संकट की नई चेतावनी

    Preparations Underway for a Prolonged War! US Ferries Massive Military Hardware to West Asia, Planning Another Powerful Strike Against Iran.

    पश्चिम एशिया में शांति वार्ता: संवाद की बजाय दबदबा बनाए रखने की होड़

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Human rights situation in Tibet goes from bad to worse: China's dominance further increases.

    तिब्बत में मानवाधिकारों की स्थिति बद से बदतर, चीन का दबदबा और बढ़ा

    June 8, 2026
    7 ballistic missiles fired; US attacked radar sites.

    ईरान- अमेरिका तनाव चरम पर: 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, US ने रडार साइट्स पर हमला किया

    June 8, 2026
    Yoga awareness campaign launched with the blowing of the conch shell.

    शंखनाद के साथ शुरू हुआ योग जागरूकता अभियान

    June 7, 2026
    Journalism is the lifeblood of democracy: Keshav Prasad Maurya

    पत्रकारिता लोकतंत्र की प्राणवायु है : केशव प्रसाद मौर्य

    June 7, 2026
    School of Happiness: Children Celebrated Summer Festival at Lucknow Museum

    खुशियों की पाठशाला: लखनऊ संग्रहालय में बच्चों ने मनाया ग्रीष्मकालीन उत्सव

    June 7, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading