अपर श्रमायुक्त ने कहा, दे दिया गया है लक्ष्य, 65000 रुपये दिया जाता है अनुदान
लखनऊ, 05 मार्च 2020: श्रम विभाग पंजीकृत श्रमिकों के 2500 से ज्यादा जोड़े बच्चों की सामूहिक शादियां कराने जा रहा है। इसके लिए पूरे मंडल के छह जिले के विभागों को लक्ष्य दे दिया गया है। 25 अप्रैल को होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारी में श्रम विभाग जी-जान से जुट गया है। इस योजना के अंतर्गत शादी करने वाले जोड़ों को श्रम विभाग उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड 65000 रुपये अनुदान देगा। यह राशि दूल्हा-दुल्हन के खाते में भेजी जाती है।
इस संबंध में गुरुवार को लखनऊ मंडल के अपर श्रमायुक्त बीके राय ने बताया कि इस संबंध में श्रममंत्री सक्रिय हैं। वे बैठक कर कई बार निर्देश दे चुके हैं। इसका पालन अक्षरश: किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिक के शादी योग्य बच्चों की तलाश जारी है। पूरे मंडल में पच्चीस सौ से ज्यादा जोड़ों की शादियां एक साथ कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए लखनऊ में 1300, रायबरेली में 400, लखीमपुर-खीरी में 800, सीतापुर में 900, हरदोई में 400, उन्नाव में 600 जोड़ों की तलाश करने का लक्ष्य दिया गया।
उन्होंने बताया कि शादी वे स्वयं तय करते हैं। विभाग उसको अनुदान और सामूहिक शादी पर बारातियों की खातिरदारी करने का जिम्मा लेता है। हम मानकर चलते हैं कि एक जोड़ा के साथ कम से कम 10 बाराती रहेंगे। उसी हिसाब से तैयारी की जाती है। अभी लखनऊ में जगह की तलाश की जा रही है, वह जल्द ही फाइनल हो जाएगी। इस शादी में 25000 से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इस कारण जगह भी बड़ी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पूरे लखनऊ मंडल में साढ़े चार लाख के लगभग पंजीकृत श्रमिक हैं। इसमें लखनऊ जिले में लगभग डेढ़ लाख, उन्नाव मंडल में 75 हजार, हरदोई में 46 हजार, सीतापुर में 53 हजार, लखीमपुर-खीरी जिले में लगभग 65 हजार, रायबरेली में 66 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें आधे से अधिक श्रमिक 35 साल से अधिक उम्र के होंगे। हमारा विभाग सूची के अनुसार उन तक पहुंच रहा है, जिनके बारे में अनुमान है कि बच्चे शादी करने की उम्र में आ गये होंगे।
उल्लेखनीय है कि श्रमिक पंजीकरण के लिए 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच उम्र होनी चाहिए। इसके अलावा पंजीकरण के समय श्रमिक को गत 12 माह में कम से कम 90 दिन तक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य किया जाना अनिवार्य है। पंजीयन शुल्क 20 तथा वार्षिक अंशदाना 20 रुपये प्रतिवर्ष होता है। यह पंजीयजन जिला श्रम कार्यालय अथवा जन सेवा केन्द्र पर होता है।







