तेहरान : अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान ने अपना हौसला दिखा दिया है। रिवॉल्यूशनरी स्क्वायर (एंगेलाब स्क्वायर) में देशभक्ति रैलियों के दौरान खुर्रमशहर-4 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का भव्य सार्वजनिक प्रदर्शन और परेड निकाली गई। हजारों लोग झंडे लहराते हुए जश्न मना रहे थे, जबकि मिसाइल लॉन्चर पर सवार होकर स्क्वायर से गुजरी। ईरान का यह प्रदर्शन ठीक उस समय हुआ जब ट्रंप ने सीजफायर की मियाद बढ़ा दी।
ईरान ने वार्ता से इनकार, फिर भी ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाई
ईरान ने अमेरिका के साथ नई शांति वार्ता में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। तेहरान का कहना है कि जब तक अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाया गया ब्लॉकेड नहीं हटाएगा, तब तक बातचीत संभव नहीं। इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की समय सीमा बढ़ा दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सरकार “गंभीर रूप से टूटी हुई” है, इसलिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर हमला टाल दिया गया। अब सीजफायर तब तक बढ़ा दी गई है जब तक ईरान एक “एकीकृत प्रस्ताव” नहीं दे देता। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ब्लॉकेड जारी रहेगा और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है, लेकिन फिलहाल हमले नहीं होंगे।
ईरान का हौसला बढ़ा, मिसाइल पावर का प्रदर्शन
खुर्रमशहर-4 मिसाइल ईरान की उन्नत लंबी दूरी की मिसाइलों में से एक मानी जाती है, जिसकी रेंज लगभग 2000 किलोमीटर बताई जाती है और यह भारी वारहेड ले जाने में सक्षम है। रिवॉल्यूशनरी स्क्वायर में इसकी परेड को ईरानी राज्य मीडिया ने खूब प्रचारित किया। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन ईरान की मजबूत सैन्य क्षमता का संदेश है कि खासकर तब जब शांति वार्ता अनिश्चित है। ईरान का रुख साफ है: हम दबाव में नहीं झुकेंगे।
इजराइल सीजफायर बढ़ाने से खुश नहीं
उधर इजराइल ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने से खुश नहीं है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल हर स्थिति के लिए तैयार है – रक्षा और आक्रामक दोनों मोर्चे पर।
माना जा रहा है कि इजराइल ईरान को कमजोर मानता है लेकिन पूरी तरह हारा हुआ नहीं। वह ट्रंप की डिप्लोमेसी को सतर्कता से देख रहा है और कह रहा है कि “हम तैयार हैं, अगर जरूरी हुआ तो हम फिर हमला करेंगे।”स्थिति बहुत संवेदनशील है। इजराइल का फोकस अभी भी ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह नष्ट करने पर है।
क्या होगा आगे?
सीजफायर बढ़ने से तनाव थोड़ा कम हुआ लगता है, लेकिन दोनों तरफ से सख्त बयानबाजी जारी है। पाकिस्तान में प्रस्तावित दूसरा दौर की बातचीत अभी अनिश्चित है। क्षेत्रीय स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और दुनिया नजरें टिकाए हुए है।
फिलहाल ईरान के इस आत्मविश्वास भरे प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि युद्ध के मैदान में तो बातचीत ही आखिरी विकल्प होती है, लेकिन ताकत का प्रदर्शन कभी नहीं रुकता!





