कृषिमंत्री ने जताई नाराजगी, 31 मार्च तक शेष धनराशि खर्च करने के दिये निर्देश
अब इस वित्तीय वर्ष का बजट खर्च करने की नियत समय एक माह से भी कम रहा। इसके बावजूद सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कृषि विभाग के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के कार्यों का निष्पादन में ही काफी शिथिलता रही। इसके परिणाम स्वरूप में अब तक इस मद की राशि 11 महीनों में मात्र 65 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है।
अब 31 मार्च तक शेष धनराशि को खर्च न करना प्रशासन के लिए काफी परेशानी खड़ा कर सकता है। आरकेवीवाई की समीक्षा करने के लिए बुलाई बैठक में यूपी सरकार कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों की कार्यशली पर नाराजगी जाहिर की और 31 मार्च तक शत-प्रतिशत धन व्यय करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
आरकेवीवाई के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में संचालित परियोजनाओं और कार्यक्रमों के लिए 561.62 करोड़ धनराशि स्वीकृत की गयी थी लेकिन अब तक विभाग ने 366.84 करोड़ (65 प्रतिशत) धन खर्च किया है। इस कारण गुरुवार को इस योजना की समीक्षा करने के लिए बुलाई गयी बैठक में कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने नाराजगी जाहिर की।
समीक्षा बैठक के बाद सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि आरकेवीवाई अंतर्गत वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 में संचालित परियोजनाओं के अंतर्गत प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए नामित कार्यदायी संस्थाओं के पक्ष में 145.77 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति निर्गत है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गति प्रदान करते हुए वित्तीय वर्ष के अंत तक गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण कराते हुए निर्गत धनराशि को शत-प्रतिशत व्यय कर उपयेगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।







