- तीन साल में चार करोड़ किसानों के बने मृदा स्वास्थ्य कार्ड
- फसलों के जटिल रोगों के भी वैज्ञानिकों ने निकाला समाधान
किसानों की आय दोगुनी करने में जुटी योगी सरकार के तीन वर्ष 19 मार्च को पूरे हो जाएंगे। इस बीच खेती किसानी को बाजार उपलब्ध कराने से लेकर उसे वैज्ञानिक रूप देने पर बहुत ज्यादा कार्य किया है। अभी सरकार के खेती को वैज्ञानिक रूप देने पर जोर देने का परिणाम ही रहा कि अभी कुछ दिन पहले केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान ने केले की खेती के लिए सबसे जटिल रोग पनामा विल्ट का निदान खोज लिया और अब वे किसानों के बीच साझा कर रहे हैं।
न्यूनत लागत पर अधिकतम उपज का फार्मूला लेकर काम करने वाली योगी सरकार ने सबसे पहले मृदा के तत्वों की जांच और उसके अनुसार उसके उपचार पर जोर दिया। इसके लिए किसानों के बीच प्रचार को भी जोर दिया गया। इसका परिणाम रहा कि तीन साल में ही चार करोड़ से अधिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवा लिये और वे मिट्टी की जांच करवाकर उसके सुक्ष्म तत्वों की जानकारी कर उसके अनुसार खाद का प्रयोग कर रहे हैं। इससे उनके लागत में भी कमी आयी है।
मंत्री ने कहा, मुहिम के तौर पर लिया मृदा कार्ड को:
इस संबंध में प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हरितक्रांति के शुरुआती दिनों में उपज बढ़ाने में रासायनिक खाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके जरिए हम खाद्यान्न उत्पादन में आत्म निर्भर तो हो गये, पर इनके प्रयोग से मिट्टी की रासायनिक संरचना बदल गयी। कालांतर में यह खाद क्रमश: बेअसर होती गयी। उपज बढ़ाने के लिए किसानों ने अधिक मात्रा में खाद डालना शुरू किया। इससे उनकी लागत तो बढ़ी ही खेत की मिट्टी और पर्यावरण को अलग से क्षति हुई। खेत को उसकी जरूरत के अनुसार खाद और सूक्ष्म पोषक तत्व मिले ,इसके लिए सरकार ने मिट्टी की जांच को मुहिम के तौर पर लिया। आज तीन साल में करीब चार करोड़ किसानों के पास मृदा कार्ड है।
कृषि यंत्रों पर दिया जा रहा भारी अनुदान:
योगी सरकार ने यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया। इसके लिए सरकार कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान दे रही है। मौजूदा बजट में कृषि मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए सरकार का लक्ष्य 22000 से अधिक किसान समूहों को 40 हजार से अधिक उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराएगी। यंत्रीकरण के जरिए कम लागत में अधिक उपज मिलने से किसानों की आय बढ़ जाएगी।






