कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ की बैठक, कोविड-19 की स्थिति से निपटने के प्रारूप पर हुआ विचार
लखनऊ, 10 अप्रैल 2020: लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में एक आनलाइन बैठक संपन्न हुई। गुरुवार को तीन घंटे चली इस बैठक में लाकडाउन की स्थिति में पठन-पाठन की गति बढ़ाने और परीक्षाओं को सम्पन्न कराने की चुनौती पर विचार हुआ। मिड-डे परीक्षाओं को सम्पन्न कराने के लिए कुलपति ने एक कमेटी का गठन किया, जो उसे आन लाइन अथवा आफ लाइन कराने पर अपना मशविरा देगी। प्रश्नपत्रों बनाने और उसके तरीकों के लिए भी एक कमेटी का गठन किया गया है।

इस संबंध में कुलपति प्रोफेसर आलोक राय ने बताया कि छात्र-छात्राओं को लखनऊ विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर स्टडी मैटेरियल तथा ई-कंटेंट उपलब्ध कराया गया। कुछ शिक्षकों ने ऑनलाइन ओपीडी भी चलाई। कुछ शिक्षकों ने सुविधानुसार ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी किया। इसके बाद विभागाध्यक्षों से पाठ्यक्रम पूर्ण होनेे की जानकारी की गयी। इस संबंध में पता चला कि स्नातक स्तर पर लगभग 60 प्रतिशत और परास्नातक स्तर पर लगभग 70 प्रतिशत पाठ्यक्रमों को पूर्ण कर लिया गया है। प्रैक्टिकल के विषय में बताया गया कि लगभग 50-60 प्रतिशत पाठ्क्रम पूर्ण है।
सभी विभागाध्यक्षों से कुलपति जी ने अलग-अलग पाठ्यक्रमों के पूर्ण होने के विषय में जानकारी प्राप्त की।
इस बैठक में कोविड-19 से चल रहे सहयोग कार्य पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने समस्त सदस्यों को अवगत कराया कि कोविड करोना महामारी के कारण हुए लॉक डाउन से पूर्व 18 मार्च को लखनऊ विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग ने एक सेनेटाइजर का निर्माण किया था। तत्पश्चात लॉक डाउन के बाद एक अप्रैल को नवसृजित वेबसाइट का लांचिंग प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के द्वारा किया गया। तत्पश्चात दो अप्रैल को आयुर्वेद संकाय द्वारा स्वास्थ्यवर्धक जोशांदा निर्मित किया गया। इसी समय मनोविज्ञान विभाग द्वारा ऑनलाइन छात्रों की समस्याओं से संबंधित काउंसलिंग प्रारंभ की गयी।
छह अप्रैल से लगातार समाज के विभिन्न निर्बल वर्ग हेतु लखनऊ विश्वविद्यालय के निवेदिता छात्रावास में कम्युनिटी किचन का प्रारंभ किया गया, जहां से प्रतिदिन 1000 भोजन पैकेट का वितरण जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाता है।







