कोरोना से मुकाबले के लिए वैसे तो पूरा देश एकजुट है क्योंकि इस समस्या से छुटकारा जितनी जल्दी मिल जाए उतना ही अच्छा है। कोविड -19 को लेकर जिस तरह से देश में आंकड़े बढे हैं। वह बेहद ही चिंताजनक हैं एक ओर जिस प्रकार देश में अनलॉक 2 चल रहा था और लोगों की लाइफ पटरी पर आ रही थी। इसी बीच लॉकडाउन 3 की मौजूदगी ने एक बार फिर लोगों के माथे पर शिकन बढ़ा दी। यूपी में 10 जुलाई से 13 जुलाई तक लगे इस लॉकडाउन ने एक बार फिर हमें वहीँ पर लाकर खड़ा कर दिया जहाँ से हम चले थे। वास्तव में यह समस्या बहुत गंभीर है लोगों को इस बात को समझना ही होगा, सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करना प्रत्येक नागरिक के लिए बहुत जरुरी है क्योंकि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए यह बहुत आवश्यक है।
ख़ास बात यह कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर रिकवरी रेट अब बेहतर होता जा रहा है, कोरोना संक्रमण का विस्तार ने एक बार फिर चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी के साथ इजाफा हो रहा है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने बिना मास्क घर से निकलने वालों के लिए जुर्माना राशि सौ से बढ़ाकर पांच सौ रुपए कर दी है।
उधर संक्रमण को रोकने के लिए लखनऊ जिले में अस्सी टीमें उतारी गयी हैं। कुल मिलाकर मौजूदा हालात यही बताते हैं कि कोविड19 को लेकर जारी तमाम दिशा निर्देशों तथा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है जिससे हालात को बदतर होने में देरी नहीं लग रही है।
अनलॉक वन के बाद यह माना गया था कि कोरोना को लेकर लोगों में जागरूकता का अपेक्षित प्रचार-प्रसार हो गया है और अब वे उसका पालन पूरी तरह से करेंगे। यह दुर्भाग्य की बात है कि ऐसा नहीं हुआ। इसकी जगह वे सभी काम किए जा रहे हैं जो सीधे तौर पर निर्धारित नियमों के विपरीत हैं। बात चाहे मास्क पहनने की हो या शारीरिक दूरी को बनाए रखने की हो, झुंड में नहीं खड़े होने की हो, सभी नियमों की खिल्ली ही उड़ाई जा रही है। अच्छा होता यदि स्वय ही लोग इन नियमों का पालन करते क्योंकि इसमें सभी की भलाई है और यह बात उनको स्वयं ही समझनी तथा पालन करनी चाहिए। इसीलिए लखनऊ जनपद में इन आवश्यक कार्यों-नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी भी टीमों को दी गई है।
सार्वजनिक वाहनों के अंतर्गत कुल बीस टीमें शारीरिक दूरी, मास्क एवं कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराएंगी। इसी तरह पटरी दुकानदारों पर भी नजर रखी जाएगी। एक और आवश्यक कार्य सैनिटाइजेशन का है जिस पर अब अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जा रहा है जबकि यह बहुत जरूरी है और यह है सैनिटाइजेशन जिसे शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाना बहुत जरूरी है। कहने का आशय यह कि इन नियमों का पालन सार्वजनिक हित में ही है तथा इसकी उपेक्षा लोगों को ही परेशान करेगी।







