पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर संघर्ष समिति ने शुरू किया राजनैतिक दलों से मिलने का अभियान, आज मिले सबसे पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से
लखनऊ, 03 जनवरी, 2021: एससी /एसटी के 2 लाख रिवर्ट कार्मिकों को उनका अधिकार व सम्मान दिलाने पदोन्नति में आरक्षण का लम्बित बिल पास कराने व पिछड़े वर्गों हेतु भी पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था प्रदेश में बहाल कराने को लेकर आज से आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सभी राजनैतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों से मिलने का कार्यक्रम शुरू किया है।
आज सबसे पहले आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में 7 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनके पार्टी कार्यालय में मुलाकात कर लगभग 1 घण्टे तक इन ज्वलन्त मुद्दों पर चर्चा की।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने अखिलेश यादव के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि सपा सरकार में 2 लाख दलित कार्मिकों को रिवर्ट किया गया, जो बहुत ही गम्भीर मामला है। जिससे आज तक दलित कार्मिक उबर नहीं पाये। ऐसे में सबसे पहले समाजवादी पार्टी को अपनी गलती मानकर हमारे संवैधानिक अधिकारों के लिये दो टूक बात करनी पड़ेगी।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार में कुछ गलतियां हो गयी हैं, जिसे हम सुधारेंगे। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही सबसे पहली कैबिनेट की मीटिंग में अनुसूचित जाति/ जनजाति के लिये पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कराते हुए रिवर्ट कार्मिकों का पूर्व तिथि से सम्मान वापस किया जायेगा और साथ ही पिछड़े वर्गों के लिये भी पदोन्नति में आरक्षण की पूर्व प्राविधानित व्यवस्था को भी बहाल कराया जायेगा। उन्होंने प्रदेश के सभी दलित व पिछड़ें कार्मिकों के अधिकार के लिये हमेशा खड़े होने का संघर्ष समिति को भरोसा दिलाया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मीटिंग में इस संवैधानिक मुद्दे पर चर्चा करने वाले आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजक मण्डल सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, एसपी सिंह, अनिल कुमार, श्याम लाल व अन्जनी कुमार ने कहा आगे भी सभी राजनैतिक पार्टियों के अध्यक्षों से लगातार मुलाकातें जारी रहेंगी, जब तक केन्द्र की मोदी सरकार पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लोकसभा से पारित नहीं कर देती।







