‘बैठक में माना गया कि भारत एवं चीन के संबंधों में स्थिरता एवं शांति परस्पर बनी रहनी चाहिए इसके साथ ही यह भी माना गया कि रिश्तों में प्रगति के लिये सीमा पर शांति एवं स्थिरता स्थापित रहे और यदि कोई विवाद है तो आपस में मिलकर उसे सुलझा लेने में ही दोनों देशों की भलाई है ‘
ब्रिक्स के घोषणापत्र में लश्कर और जैश संगठनों का जिक्र होना भारत के लिए अहम कामयाबी मानी गई
शियामेन 5 सितम्बर। ब्रिक्स शिखर सम्मलेन में भारत और चीन पर मोदी और शी की लगभग 1 घंटे मीटिंग चली जिसमे डोकलाम विवाद खत्म होने के बाद भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक हुई जिसमे दोनों देशों ने सीमा पर शांति, स्थिरता और विकास और आपसी विश्वास बढ़ाये जाने के अधिक उपायों पर जोर दिया और कहा कि अगर कहीं कोई मतभेद है तो उसे परस्पर आदर के साथ सुलझाया जाना चाहिए।
9वीं ब्रिक्स शिखर बैठक में भाग लेने चीन की 3 दिन की यात्रा पर आए मोदी की यात्रा के आखिरी चरण में मेजबान देश के राष्ट्रपति के साथ एक घंटे से अधिक समय तक चली द्विपक्षीय बैठक में ब्रिक्स संबंधी विषयों एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई। बैठक में माना गया कि भारत एवं चीन के संबंधों में स्थिरता एवं शांति परस्पर बनी रहनी चाहिए इसके साथ ही यह भी माना गया कि रिश्तों में प्रगति के लिये सीमा पर शांति एवं स्थिरता स्थापित रहेऔर यदि कोई विवाद है तो आपस में मिलकर उसे सुलझा लेने में ही दोनों देशों की भलाई है
दोनों देशों ने सीमा पर आपसी विश्वास बढ़ाये जाने के अधिक उपायों पर जोर दिया और कहा कि अगर कहीं कोई मतभेद है तो उसे परस्पर आदर के साथ सुलझाया जाना चाहिए। बैठक में यह भी माना गया कि सीमा पर दोनों तरफ से सुरक्षा बलों एवं सेनाओं में हर हाल में संपर्क एवं सहयोग बनाए रखना होगा ताकि डोकलाम जैसी घटनाएं दोबारा न हों।







