नई दिल्ली, 25 जून 2025: नई दिल्ली में श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक बातचीत की शताब्दी समारोह के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराया। अपने 22 मिनट के जोशीले संबोधन में पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीयों का खून बहाने वालों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति और “नया सामान्य” (न्यू नॉर्मल) है।
ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया
ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 की रात को शुरू किया गया था, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जवाब था। इस हमले में 26 लोग, ज्यादातर पर्यटक, मारे गए थे, जिन्हें उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था। भारत ने इस हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। पीएम मोदी ने कहा कि इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि भारत की सैन्य और तकनीकी ताकत को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।
मोदी का संदेश: भारतीयों का खून बहाने वालों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति को स्पष्ट कर दिया है। हमने दिखा दिया कि भारतीयों का खून बहाने वालों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।” उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते, और यदि पाकिस्तान को अपनी साख बचानी है तो उसे आतंकी ढांचे को पूरी तरह खत्म करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब आतंकियों और उनके प्रायोजकों के बीच कोई अंतर नहीं मानेगा, और पाकिस्तानी सेना के आतंकियों के जनाजे में शामिल होने को राज्य प्रायोजित आतंकवाद का सबूत बताया।
नारी शक्ति और सांस्कृतिक प्रतीक
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को नारी शक्ति से जोड़ा, इसे भारतीय संस्कृति में सिंदूर के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में आतंकियों ने महिलाओं की गरिमा को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने इसका जवाब “सिंदूर की शक्ति” से दिया। भोपाल में एक महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में उन्होंने कहा, “पहलगाम में आतंकियों ने न केवल भारत का खून बहाया, बल्कि हमारी संस्कृति पर हमला किया। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि भारत की नारी शक्ति का अपमान करने वालों का अंत निश्चित है।”
भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा
पीएम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी रक्षा तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों की सटीकता ने पाकिस्तान को हक्का-बक्का कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और यह ऑपरेशन इसका जीता-जागता सबूत है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और युद्धविराम
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ युद्धविराम का अनुरोध किया, जिसके बाद दोनों देशों ने 10 मई को सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति जताई। हालांकि, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह युद्धविराम स्थायी नहीं है, और भारत पाकिस्तान के हर कदम पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा, “हमने अपनी कार्रवाइयों को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं।”
पीएम मोदी के इस संबोधन ने न केवल भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को और सख्त करने का संदेश दिया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती सैन्य और नैतिक ताकत को भी रेखांकित किया। ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने भारत की एकजुटता और “राष्ट्र प्रथम” की भावना का प्रतीक बताया। साथ ही, उन्होंने विश्व समुदाय को आगाह किया कि भारत अब न केवल जवाब देगा, बल्कि आतंक के मूल को खत्म करने के लिए “घर में घुसकर मारेगा।”







