संस्कृति मंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी मे आर्टिस्ट फोरम
लखनऊ, 26 जून 2025: राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह के पुनः खुलने की खुशी के बीच आर्टिस्ट फोरम उत्तर प्रदेश ने कलाकारों के हित में बड़ा कदम उठाया है। फोरम ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन को एक पत्र सौंपकर प्रेक्षागृह का किराया कम करने, जयशंकर प्रसाद सभागार को पहले की तरह सस्ते दरों पर उपलब्ध कराने और गुलाबबाई कक्ष सहित अन्य पूर्वाभ्यास सुविधाओं को बहाल करने की मांग की है। फोरम 27 जून को संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह को इस संबंध में ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है।
आर्टिस्ट फोरम के संयोजक प्रभात मिश्र, वरिष्ठ अभिनेता नरेन्द्र पंजवानी और संगीतकार सोनी त्रिपाठी ने कुलसचिव से मुलाकात कर कलाकारों की समस्याओं को सामने रखा। फोरम का कहना है कि संस्कृति मंत्रालय का उद्देश्य धन कमाना नहीं, बल्कि कला को प्रोत्साहन देना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
प्रभात मिश्र ने बताया कि मार्च 2020 तक बली प्रेक्षागृह का किराया वातानुकूलन सहित मात्र 3,000 रुपये था। 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह द्वारा विश्व रंगमंच दिवस पर उद्घाटित इस प्रेक्षागृह का किराया पंजीकृत रंग संस्थाओं के लिए मात्र 150 रुपये और वातानुकूलन के लिए 300 रुपये था। गुलाबबाई कक्ष भी चार-चार घंटे की तीन शिफ्टों में केवल 100 रुपये प्रति शिफ्ट में उपलब्ध था। फोरम ने इन सुविधाओं को अधिकतम डेढ़ गुना किराए पर बहाल करने की मांग की है।
इसके अलावा, जयशंकर प्रसाद सभागार, जो 70-75 लोगों की क्षमता वाला है, पहले 1,500 रुपये में प्रोजेक्टर और माइक जैसी सुविधाओं के साथ उपलब्ध था। मरम्मत के बाद इसे भातखण्डे विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया गया, लेकिन रंगकर्मियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका।
फोरम ने कुलसचिव से अनुरोध किया है कि रंगकर्मियों और पंजीकृत संस्थाओं के लिए किराया डेढ़ से दोगुना तक सीमित रखा जाए। प्रभात मिश्र ने कहा, “हमारी मांग है कि बली प्रेक्षागृह और इसकी सुविधाएं रंगकर्मियों को सस्ती दरों पर उपलब्ध हों, ताकि कला और संस्कृति को बढ़ावा मिले।”
यह कदम लखनऊ के रंगकर्मियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाता है, जिससे कला और संस्कृति को नया प्रोत्साहन मिलेगा।







