2013 में भयंकर बाढ़ के कारण बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार द्वारा ‘नकारे जाने’ पर तीखी आलोचना भी की
केदारनाथ, 21अक्टूबर। यह इस सीजन में दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हिमालय के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर की यात्रा करने पहुंचे।
यहां आमतौर पर हर साल दिवाली के त्यौहार पर तीर्थस्थल सन्नाटे में डूब जाता है क्योंकि ज्यादातर पुजारी और दुकानदार त्यौहार मनाने के लिए अपने घर वापस चले जाते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर तस्वीर बिल्कुल बदल गयी।
छह महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं पट: दिवाली के बाद इस मंदिर के पट छह महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में एक माना जाता है। मोदी की यात्रा के मद्देनजर इलाके को जगमगाती रोशनी और फूलों के साथ सजाया गया है। साथ ही कई और तरह की गतिविधियां भी की जा रही हैं। दरअसल, पीएम मोदी भगवान शिव के जबर्दस्त भक्त हैं।
कपाट बंद होने से ठीक एक दिन पहले किये दर्शन: इस साल मई में कपाट खुलने के तुरंत बाद और अब कपाट बंद होने से ठीक एक दिन पहले पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम के दर्शन किये। इसी साल तीन मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद पीएम मोदी सबसे पहले दर्शन करने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने गर्भगृह में रुद्राभिषेक भी किया था। इसके साथ ही उन्होंने केदारनाथ के निर्माण कार्यों का जायजा लिया था।
वहीं, पूजा-अर्चना करने के बाद पीएम मोदी ने शुक्रवार तात्कालिक कांग्रेस सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने साल 2013 में भयंकर बाढ़ के कारण बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार द्वारा ‘नकारे जाने’ पर तीखी आलोचना भी की।







