लखनऊ : लंबे संघर्ष और हड़ताल के लिए तैयार रहें बैंककर्मी- डी के सिंह, बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग पर आक्रामक
लखनऊ : आपकी दी हुई खबर बिल्कुल सटीक और मौजूदा स्थिति से जुड़ी हुई है। दिसंबर 2025 में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के तहत पूरे देश में पांच दिवसीय बैंकिंग (पांच दिन का कार्य सप्ताह) लागू करने की मांग को लेकर तेज प्रदर्शन और आंदोलन चल रहा है।
लखनऊ में हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा के सामने हाल ही में जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहां एनसीबीई के महामंत्री कामरेड डी.के. सिंह ने साफ कहा कि बैंककर्मियों पर बढ़ते तनाव, वर्कलोड और मानसिक दबाव को देखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग जल्द लागू होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो लंबे संघर्ष और हड़ताल के लिए कर्मचारी पूरी तरह तैयार हैं।
यह मांग नई नहीं है भारतीय बैंक संघ (IBA) ने पहले ही इस पर सहमति जताई थी और इसे 12वीं द्विपक्षीय समझौते में शामिल किया गया था, लेकिन वित्त मंत्रालय/DFS से अंतिम मंजूरी अब तक नहीं मिली। इसी वजह से देशभर में आंदोलन तेज हो गया है:
राज्य की राजधानियों में बड़े प्रदर्शन (22-23 दिसंबर को जम्मू, पटना, चंडीगढ़, गुवाहाटी आदि में)
- मेमोरेंडम IBA और फाइनेंस मिनिस्ट्री को सौंपे गए
- 30 दिसंबर 2025 को पूरे देश में सभी शहरों/कस्बों में संयुक्त प्रदर्शन का ऐलान (लखनऊ में भी केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक और सेंट्रल बैंक की चुनिंदा शाखाओं पर फोकस)
बैंक कर्मचारी तर्क देते हैं कि RBI, LIC, जनरल इंश्योरेंस जैसी संस्थाओं में पहले से ही पांच दिवसीय सिस्टम है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ भेदभाव क्यों?
अगर यह लागू हुआ तो क्या होगा?
हर शनिवार बैंक बंद → कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, कम तनाव, लेकिन डिजिटल बैंकिंग के दौर में ग्राहक सेवाएं ज्यादा प्रभावित नहीं होंगी (ATM, नेट बैंकिंग, UPI जारी रहेंगी)।
आगे का प्लान: अगर 30 दिसंबर तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में अखिल भारतीय हड़ताल की संभावना मजबूत है। बता दें कि बैंककर्मियों का यह संघर्ष काम के दबाव और कर्मचारी कल्याण से जुड़ा है देखते हैं सरकार कब सुनती है!
लखनऊ में बिजली संविदा कर्मियों का विरोध प्रदर्शन
लखनऊ: यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने वादा किया था, लेकिन किया कुछ नहीं। 26 नवंबर को हुई बैठक में प्रबंधन ने कहा – “न छंटनी करेंगे, 55 साल वाले कर्मचारियों को वापस लगाएंगे, घायलों का इलाज कराएंगे, पुराने हटाए गए कर्मचारियों को वापस बुलाएंगे”।लेकिन 29 नवंबर को जारी मीटिंग के कागज में ये बातें गायब! कर्मचारी भड़क गए।
23 दिसंबर 2025 को लखनऊ में सैकड़ों संविदा कर्मचारी सड़क पर उतरे। शाम 4 बजे बड़ी रैली निकाली, मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे और प्रबंधन के उस कागज को आग लगा दी! (प्रतीकात्मक दहन)मुख्य गुस्से की वजहें:
हजारों की छंटनी रोकने की मांग
- कम से कम 18,000 रुपये वेतन
- घायल होने पर कैशलेस इलाज
- मीटर रीडरों को स्मार्ट मीटर आने पर न निकालना
कर्मचारी चेतावनी दे रहे हैं – “अब और इंतजार नहीं, अगला कदम बड़ा होगा!”







