सलमान-ऐश्वर्या के बाद अब विवेक ओबेरॉय सेलिब्रिटी नहीं, कोई भी ‘पब्लिक प्रॉपर्टी’ नहीं!
मुंबई: दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता-उद्यमी विवेक आनंद ओबेरॉय के नाम, इमेज, वॉइस और लाइकनेस के अनऑथराइज्ड इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। जस्टिस तुषार राव गदेला ने डायनामिक इंजंक्शन और जॉन डो ऑर्डर जारी किया, जिससे फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स, अनऑथराइज्ड मर्चेंडाइज और AI-जनरेटेड डीपफेक्स को तुरंत हटवाया जा सके।
यह ऐतिहासिक फैसला वरिष्ठ अधिवक्ता सना रईस खान की सशक्त पैरवी से आया, जिन्होंने तर्क दिया कि पहचान का दुरुपयोग सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक हमला है विवेक के छोटे बच्चों तक पर असर डालता है।
विवेक ओबेरॉय ने कहा: “यह मेरी अकेले की नहीं, हर उस शख्स की जीत है जिसकी आईडेंटिटी को डिजिटल शोर में गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। कानून का यह संरक्षण बहुत आश्वस्त करने वाला है।”
सना रईस खान बोलीं: “किसी की पहचान पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं है। यह फैसला निजता, गरिमा और मानवीय मूल्यों की मजबूत न्यायिक पुष्टि है। सेलिब्रिटी भी इंसान हैं उनकी लाइफलाइन को क्लिकबेट या प्रॉफिट के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”
यह जीत डिजिटल एज में पर्सनैलिटी राइट्स की नई मिसाल बन गई है फेक कंटेंट और डीपफेक्स के खिलाफ मजबूत ढाल!







