भारत रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए मानवीय सहायता की एक और खेप भेजेगा

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री

कुछ दिन पहले भारतीय विदेश मंत्री शिवशंकर ने पड़ोसियों के प्रति नीति पर बयान दिया था। उनका कहना था कि पाकिस्तान को छोड़कर हमारे सभी पड़ोसी अच्छे है। उनकी बात तथ्यात्मक रूप से सही थी। इनमें से कोई देश भारत के लिए समस्याएं उतपन्न नही करता है, इसके अलावा कोई अन्य देश आतंकवाद को संरक्षण नहीं देता है। भारत भी इन पड़ोसियों के साथ संबन्ध बेहतर बनाने का प्रयास करता है। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के सौ दिन के भीतर ही नरेंद्र मोदी मालद्वीप, श्रीलंका और भूटान की यात्रा कर चुके है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आये थे। नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय व क्षेत्रीय विषयों पर वार्ता हुई थी।

इसी प्रकार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा भी उपयोगी साबित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उपयोगी वार्ता हुई। दोनों देशों के बीच सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। तीन संयुक्त परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ। इसके अलावा दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। इस क्रम में दोनों देश संयुक्त तटीय निगरानी तंत्र की स्थापना करेंगे। वार्ता के दौरान अवैध बांग्लादेशियों का मुद्दा भी उठा।

भारत ने साफ किया कि एनआरसी का प्रकाशन अदालत की निगरानी में चली प्रक्रिया है। दोनों देश विस्थापितों की म्यांमार के रखाइन प्रांत में शीघ्र वापसी पर सहमत हुए। संयुक्त बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बांग्लादेश से भारत को रसोई गैस के आयात की परियोजना का शुभारंभ किया। ढाका के रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन और खुलना में कौशल विकास संस्थान का उदघाटन किया। यह भी कहा गया कि बांग्लादेश के लोग तीस्ता जल बंटवारा समझौते शीघ्र होने का इंतजार कर रहे हैं।

दो हजार ग्यारह में दोनों देशों की सरकारों के बीच सहमति हुई थी। जल संसाधन, युवा मामलों, संस्कृति, शिक्षा और तटीय निगरानी से संबंधित समझौतों से आपसी संबंधों को नया आयाम मिलेगा। तटीय निगरानी रडार प्रणाली से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भारत इस समझौते के तहत करीब दो दर्जन तटीय निगरानी रडार स्टेशन स्थापित करेगा। इसके अलावा भारत में माल की ढुलाई के लिए चट्गांव और मंगला बंदरगाहों का उपयोग किया जा सकेगा।

त्रिपुरा के सबरूम शहर के लोगों को बांग्लादेश की फेनी नदी से पेयजल उपलब्ध होगा। अंतरराष्ट्रीय सीमापर सभी लंबित क्षेत्रों में बाड़ लगाने का काम शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। दोनों देशों ने आतंकवाद को पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बताया। इसका मिलकर मुकाबला किया जाएगा। भारत कोकस बाजार में रोहिंग्या शरणार्थी शिविर के लिए मानवीय सहायता की एक और खेप भेजेगा। भारत में म्यांमार के राखिने रोहिंग्या क्षेत्र में ढाई सौ आवास बनाने की परियोजना पूरी कर ली है। नए विकास कार्यों पर काम किया जा रहा है। जाहिर है कि शेख हसीना की इस यात्रा से दोनों देशों के संबन्ध मजबूत हुए है। यह साबित हुआ कि अनेक द्विपक्षीय व क्षेत्रीय मसलों पर दोनों देशों के विचारों में समानता है। ऐसे में साझा रणनीति बनाने के प्रयास भी आगे बढ़ेंगे।

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