मुंबई, 02 अगस्त 2018: आर्थिक विकास दर के लगभग पटरी पर आने के बीच घरेलू एवं वैश्विक कारणों से महंगाई बढ़ने की आशंका जताते हुए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने 2 महीने में दूसरी बार नीतिगत दरों में एक चौथाई फीसद की बढ़ोतरी कर दी है। जिसे घर एवं वाहन सहित विभिन्न प्रकार के ऋण के महंगे हो सकते हैं।
समिति की चालू वित्त वर्ष की तीसरी मासिक समीक्षा बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के साथ ही मानसून की चाल और वैश्विक स्तर पर हो रहे घटनाक्रम से महंगाई पर असर पड़ने का अनुमान है। इसके मद्देनजर नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की गई। समिति के 605 सदस्यों ने बढ़ोतरी का समर्थन किया। इसके बाद 5% रिवर्स रेपो दर 6.5% स्टैंडिंग फैसिलिटी एंड 5% और 5% हो गई। नकदी अनुपात सीआरआर और वैधानिक तरलता अनुपात में कोई बदलाव नहीं किया गया है।







