पांच आवश्यक तेलों से किया गया है विकसित, सीमैप के निदेशक ने केजीएमयू के कुलपति को सौंपा
लखनऊ, 02 मई 2020: सीएसआईआर-सीमैप ने शनिवार को सीमरेस्पकूल नाम से एक सुगंधित तेल को लांच किया, जो सुंगध के साथ ही सांस जनित रोगों में भी काफी फायदेमंद है। यह पर्यावरणीय दृष्टि से भी अच्छा है। इसे सीमैप ने केजीएमयू के कुलपति डा.एमएलबी भट्ट को कोरोना वार्डों में मूल्यांकन के लिए सौंपा है।
इस संबंध में मुख्य वैज्ञानिक डाक्टर अजीत ने बताया कि सीमरेस्पकूल फॉर्मुलेशन को डिफ्यूज़र के लिए एक ओटीसी उत्पाद की तरह विकसित किया है। इस फॉर्मुलेशन को पाँच आवश्यक तेलों से विकसित किया गया है जो न केवल रोगाणुओं के व्यापक स्पेक्ट्रम के प्रबंधन के लिए सहायक पाया गया है, बल्कि वायरस सहित पर्यावरणीय कोन्टामीनंट्स तथा साँस जनित रोगों में भी सहायक हो सकता है।
सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ ने सुगंधित तेल पर आधारित सीमरेस्पकूल को शनिवार को डाक्टर प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक तथा डाक्टर अजीत शासने, मुख्य वैज्ञानिक सीएसआईआर-सीमैप द्वारा रिलीज़ किया गया।
इस अवसर पर डाक्टर प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा कि विभिन्न प्रकार की बीमारियों के प्रबंधन के लिए सुगंधित तेलों का उपयोग हजारों वर्षों से किया जाता रहा है। इन सुगंधित तेलों को ह्यूमिडिफायर से वाष्पीकरण करके उपयोग किया जा सकता है। बाजार में उपलब्ध वेपराइज़र उत्पाद अधिकांशतः सिंथेटिक रसायन होते हैं और एलर्जी कर सकते है। सीमैप द्वारा बनाया गया फॉर्मुलेशन प्राकृतिक सुगंधित तेलों से तैयार किया गया है, जो कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किया गया है।
मुख्य वैज्ञानिक डाक्टर अजीत शासने ने बताया कि इस फॉर्मुलेशन से न केवल वातावरण को शुद्ध किया जा सकता है बल्कि यह सुगंध भी प्रदान करता है। फॉर्मुलेशन को विकसित करने के लिए आवश्यक तेलों जैसे मेंथा, रोज़मेरी, तुलसी आदि का उपयोग किया गया है। वैज्ञानिक परीक्षण में पाया गया कि उत्पाद सुरक्षित है और इसका उपयोग घर, ऑफिस, अस्पताल आदि में एक डिफ्यूज़र (किसी भी प्रकार) में किया जा सकता है।
इस मौके पर इं. मनोज सेमवाल और डॉ संदीप तिवारी भी उपस्थित थे। टीम के सदस्य अनिर्बान पाल, एनपी यादव, सीएस चनोटिया, डीएन मणि, डीयू बावनकुले, सुएब लुकमान, आभा मीणा, पीके राउत, रमेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।







