कैंसर के इलाज में क्रांति लाने वाले वैज्ञानिक को तेलंगाना सरकार का बड़ा सम्मान
नई दिल्ली/हैदराबाद: एशिया का सबसे बड़ा बायोटेक फोरम बायो एशिया (तेलंगाना सरकार द्वारा आयोजित) ने घोषणा की है कि जीनोम वैली एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026 यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया के डॉ. ब्रूस लेविन को दिया जाएगा।
डॉ. लेविन, जो कैंसर जीन थेरेपी में बारबरा और एडवर्ड नेटर प्रोफेसर हैं, CAR-T सेल थेरेपी और इंजीनियर्ड T-सेल्स के क्षेत्र में अपने ग्राउंडब्रेकिंग योगदान के लिए सम्मानित हो रहे हैं। उनकी रिसर्च ने इंसानी सेल्स को सुरक्षित तरीके से जेनेटिकली मॉडिफाई करने की तकनीक को आगे बढ़ाया, जिससे दुनिया की पहली FDA-अप्रूव्ड जीन थेरेपी बनी जो पहले लाइलाज कैंसर को अब जीतने लायक बना रही है!
उनकी उपलब्धियां एक नजर में:
- CAR-T सेल थेरेपी को क्लिनिकल रियलिटी में बदला
- 30+ US पेटेंट्स और 200+ रिसर्च पब्लिकेशन्स
- पर्सनलाइज्ड “जीवित दवाओं” की नई पीढ़ी की नींव रखी
- फंडामेंटल साइंस से लेकर स्केलेबल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल एप्लीकेशन तक का सफर
इंडस्ट्रीज मंत्री श्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा: “डॉ. लेविन के CAR-T और जीन एडिटिंग में पायनियरिंग काम ने ग्लोबल कैंसर केयर को नई ऊँचाई दी है। तेलंगाना ऐसे इनोवेटर्स को सम्मानित कर मेडिसिन के भविष्य को आकार दे रहा है।”
स्पेशल चीफ सेक्रेटरी श्री संजय कुमार ने जोड़ा: “उनकी रिसर्च का ग्लोबल इम्पैक्ट बायो एशिया के मिशन से मेल खाता है—लाइफ साइंसेज में सबसे तेज दिमागों को एकजुट करना।” बता दें कि यह अवॉर्ड न सिर्फ एक व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि कैंसर के खिलाफ जंग में ट्रांसलेशनल रिसर्च की जीत का प्रतीक है!







