उत्तर प्रदेश की जनता को बिजली का भारी झटका, बिजली हुई महंगी

0
588
file photo

शहरवासियों को 500 यूनिट से ऊपर देना होगा 6.50 रूपये प्रति यूनिट


150 यूनिट तक 4.90 रुपए प्रति यूनिट 150-300 यूनिट तक 5.40 रुपए प्रति यूनिट300 से 500 यूनिट पर 6.20 रुपए 500 यूनिट से ऊपर 6.50 रुपए प्रति यूनिट 100 रुपए फिक्सचार्ज भी देना होगा 300 से 1000 यूनिट तक 7.70से 8 रुपए 1000 से ज्यादा यूनिट पर 7.95 से 8.30 रुपए


विद्युत दरों में बेतहाशा वृद्धि के फैसले से प्रदेश के व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश


लखनऊ, 30 नवंबर। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अब ज्यादा बिल देना होगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बढी हुई दरों का आज ऐलान किया।
आयोग ने कहा कि शहर में उपभोक्ताओं को अब 150 यूनिट तक 4.90 रूपये प्रति यूनिट की दर से बिल का भुगतान करना होगा ।
शहरी इलाकों में 500 यूनिट से ज्यादा इस्तेमाल पर 5.50 रूपये  प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा।
आयोग ने ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की दरों में बढोतरी का ऐलान किया। ग्रामीण इलाकों में 150 से 300 यूनिट तक उपभोक्ताओं को 4.50 रूपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में वृद्धि की घोषणा की है. घोषणा के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को अब 100 यूनिट तक 3 रुपये की दर से भुगतान करना होगा।
आयोग के अध्यक्ष सुरेश कुमार अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमारा प्रयास यही है कि ग्रामीण इलाकों में अधिक से अधिक बिजली मिले और सभी उपभोक्ता मीटर लगायें।
उन्होंने कहा कि अब तक जो उपभोक्ता बिजली उपभोग कर रहे थे, उन्हें 180 रूपये महीना देना होता था लेकिन अब उन्हें 300 रूपये महीना देना होगा । मार्च 2018 से उसे 400 रूपये महीना देना पडेगा ।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव के मददेनजर दरें संशोधित नहीं की इसलिए मौजूदा सरकार को ऐसा करना पड रहा है।

सपा ने कहा: सरकार ने जनता की कमर तोड दी

सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने भी इसे तानाशाही फैसला करार देते हुए कहा कि पहले ही आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, अब बिजली के दाम बढाकर भाजपा सरकार ने जनता की कमर तोड दी है ।

कांग्रेस ने किया विरोध,कहा: तानाशाही कदम

कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि अगर जनता के बारे में सोचा होता तो ये बढोतरी नहीं होती । अगर आपका कदम उचित था तो सप्ताह भर पहले दाम बढा देते लेकिन नगर निकाय चुनावों के कारण ऐसा नहीं किया गया, ये एक तानाशाही कदम है।
आदर्श व्यापार मंडल ने बिजली के दामों की बढ़ोतरी के फैसले को वापस लेने की मांग की
  • सरकारी भवनों एवं विभागों पर करोड़ों रुपए का बकाया वसूले विद्युत विभाग :संजय गुप्ता
  • नोटबंदी और जीएसटी के बाद से पहले ही बाजारों और व्यापारियों की हालत खराब है, विद्युत दामों में वृद्धि से व्यापारियों पर पड़ेगा अनावश्यक आर्थिक बोझ है

लखनऊ 30 नवंबर। विद्युत मूल्यों की दरों में बेतहाशा वृद्धि के फैसले से प्रदेश के व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश एवं नाराजगी व्याप्त हो गई है उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि विद्युत दरों में दोगुनी तक हुई वृद्धि से व्यापारियों एवं जनता पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा ,व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने कहा व्यवसायिक बिजली पहले से ही व्यापारी महंगी खरीद रहे हैं अब और वृद्धि से व्यापारियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।

उन्होंने कहा नोटबंदी एवं जीएसटी के बाद बाजारों की हालत पहले से ही खराब है व्यापारियों के अपने खर्चे निकल नहीं रहे हैं इस वृद्धि से व्यापारियों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा तथा महंगाई बढ़ेगी, संजय गुप्ता ने कहा सरकार एवं विद्युत विभाग को सरकारी भवनों एवम सरकारी विभागों पर जो करोड़ो का विद्युत बिलों का बकाया है उसे वसूलना चाहिए विभागों के नाकारापन का खामियाजा जनता एवं व्यापारियों को न भुगताया जाए।

उन्होंने कहा विभाग बिजली चोरी रोकने में पूरी तरह से नाकाम है जो व्यापारी और जनता विद्युत का भुगतान कर रहे हैं उन्हीं पर सरकार और बोझ डाल रही है विद्युत नियामक आयोग का चेहरा सामने किया जा रहा है संजय गुप्ता ने कहा प्रदेश का व्यापारी इस वृद्धि को स्वीकार नहीं करेगा उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय को गंभीरता से लेते हुए विद्युत दरों की वृद्धि को वापस लेने के लिए पुनर्विचार करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here