विमान हादसे का शिकार हुए 13 लोगों के शवों को ढूंढ़ने में ख़राब मौसम बन रहा बाधक

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एएन-32 हादसा : वायुसेना प्रमुख ने कहा कि कोशिश करेंगे ऐसा फिर न हो

नई दिल्ली, 16 जून 2019: वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा कि वायु सेना अरुणाचल प्रदेश में हाल में दुर्घटनाग्रस्त हुए एएन-32 विमान हादसे के कारणों का पता लगाकर यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे हादसे फिर नहीं हों।

उन्होंने यहां के पास डूंडीगल में वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड से इतर यह बात कही। उन्होंने कहा कि अरुणाचल में इलाके बेहद दुर्गम हैं और वहां अधिकतर बादल छाए रहते हैं। जब आप उस क्षेत्र में बादलों वाले ऐसे मौसम में उड़ान भरते हैं, तो वहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

मौसम में सुधार आते ही दोबारा शुरू होगा ऑपरेशन:

खराब मौसम की वजह से 3 जून को विमान एएन-32 के दुर्घटनाग्रस्त होने में मारे गए 13 लोगों में से आखिरी छह के शव निकालने के अभियान में बाधा उत्पन्न हो रही है। भारतीय वायुसेना ने यह जानकारी दी। विमान के मलबे से गुरुवार को सात शवों को ढूंढ निकाला गया था। चीता और एएलएच हेलीकॉप्टर को स्टैंड-बाई मोड में रखा गया है ताकि जैसे ही मौसम में सुधार आए, ऑपरेशन को दोबारा शुरू किया जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विंग कमांडर पुनीत चड्ढा ने बयान दिया, ‘‘वर्तमान में क्षेत्र में बारिश के साथ हल्के बादल छाए हैं। वायुसेना हरसंभव प्रयास कर रही है कि वायु-योद्धाओं के शव को ढूंढा जा सके। वायुसेना कार्मिक लगातार उन योद्धाओं के परिजनों से जुड़े हुए हैं और उन्हें परिस्थिति से भी अवगत कराया जा रहा है। उन्हें मौसम की वजह से हो रही परेशानियों के बारे में भी बताया जा रहा है।’

शुक्रवार को खोजी दल ने अरुणाचल प्रदेश में क्षतिग्रस्त हुए एयरक्राफ्ट का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (एफडीआर) बरामद किया था।  वायुसेना और थलसेना के 16 पर्वतारोहियों का एक दल व पांच आम पर्वतारोही लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पश्चिम सियांग जिले के तातो के उत्तर में लिपो से करीब 16 किलोमीटर दूर दुर्घटनास्थल की तलाशी ले रहे हैं।

यह वह जगह है जहां एएन-32 विमान हादसे का शिकार हुआ

3 जून को एएन-32 ने जोरहाट एयरबेस से चीन की सीमा से सटे अरुणाचल के शि-योमी जिले में मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन 35 मिनट के भीतर ही उनका ग्राउंड एजेंसियों से संपर्क टूट गया।

बता दें कि एयरक्राफ्ट के गायब होने के बाद वायुसेना शिलांग के ईस्टर्न एयर कमांड मुख्यालय के मार्गदर्शन में व्यापक तलाशी अभियान चला रही है।

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