गंगा दुनिया की सबसे पवित्र नदी है। इस तथ्य को वैज्ञानिकों ने भी स्वीकार किया है। जबकि हमारे ऋषियों ने आदि काल से ही यह शोध कर लिया था। लेकिन परतंत्रता के लंबे कालखंड और बाद में आने वाली सरकारों ने इसकी महिमा को नहीं समझा। नरेंद्र मोदी ने पहली बार सरकार बनाने के बाद नमामि गंगे परियोजना शुरू की थी।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने यहां इस परियोजना पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। इसके अनुकूल परिणाम हुए। गंगा यात्रा इसी भावना को आगे बढ़ा रही है। योगी आदित्यनाथ मुजफ्फरनगर में पतित पावन यात्रा में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि गंगा जी हमारी आस्था, विश्वास और अर्थव्यवस्था का प्रतीक रही हैं। भारत की संस्कृति, आस्था एवं अर्थव्यवस्था में गंगा जी के योगदान के प्रति हम अभारी है।

नमामि गंगे के तहत प्रदेश सरकार ने गंगा यात्र प्रारम्भ की है। गंगा किनारे के सत्ताईस जनपद, इक्कीस नगर निकाय,एक हजार अड़तीस ग्राम पंचायतों से यह यात्रा निकलेगी। सरकार विकास और आस्था दोनों के प्रति कटिबद्ध है। गंगा यात्रा आस्था का प्रतीक हैं।
इस आस्था को ध्यान में रखते हुए यहां के किसानों एवं नौजवानों की आजीविका के साथ जोड़ा जाएगा। गंगा जी के किनारे गंगा मैदान, गंगा पार्क, गंगा नर्सरी, जिम आदि बनेंगे। गंगा जी को निर्मल बनाए जाने व लोगों में गंगा जी के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए बिजनौर व बलिया से गंगा यात्रा का प्रारम्भ किया गया है,इकतीस जनवरी को कानपुर में यात्रा सम्पन्न होगी। योगी ने मुुजफ्फरनगर में गंगा जी की मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।
- डॉ दिलीप अग्निहोत्री







