डॉ दिलीप अग्निहोत्री
नरेंद्र मोदी सरकार ने डॉ भीम राव राम जी आंबेडकर के सपने को साकार किया है। वह संविधान में अनुच्छेद तीन सौ सत्तर को शामिल करने से असहमत थे। सत्तर वर्षों बाद वर्तमान सरकार ने उनकी भावना के अनुरूप निर्णय लिया। इसी प्रकार सत्तर वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में संविधान दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसके अलावा मोदी सरकार ने डॉ आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों पर तीर्थ स्थल बनवाने का भी दशकों से लंबित काम पूरा किया गया। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी उनके सम्मान में अनेक कदम उठाए है।
मुख्यमंत्री के रूप में वंचित वर्ग के हित मे कार्य करने के लिए योगी आदित्यनाथ को डॉ आंबेडकर प्रिय सम्मान प्रदान किया गया। केंद्र की तर्ज पर योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी सरकार को सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के आधार पर चलाया है। उन्होंने समरसता को अत्यधिक महत्व दिया। डॉ. आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यह सम्मान बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट द्वारा उन्हें प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यालयों, सरकारी विद्यालयों में आंबेडकर की तस्वीर लगाने के आदेश दिए थे। कमजोर वर्गों के प्रति मुख्यमंत्री के विशेष लगाव को देखते हुए ही उन्हें आंबेडकर प्रिय सम्मान से सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर योगी ने कहा कि डॉ आंबेडकर अस्थि कलश भवन को भव्य समारक के रूप में बनाया जाएगा। जिसमें ऑडिटोरियम, पुस्तकालय समेत अन्य कई सुविधाएं होंगीं। इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी। एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। योगी ने बताया किउत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 28 लाख गरीबों को आवास, 2 करोड़ 61 लाख शौचालय, 1 करोड़ 16 लाख बिजली कनेक्शन, 1 करोड़ 46 लाख रसोई गैस कनेक्शन और 7 करोड़ आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा वंचित वर्ग के लोगों को उपलब्ध करवाया गया है।
यह बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है। मुसहर, थारू, बसफोर, समाज के लोगों को आवास की सुविधा दी गई। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स द्वारा सरकारी जमीनों पर से कब्जे हटवाए गए और उन जमीनों पर गरीबों को पट्टा देने का काम किया गया। इस प्रकार डॉ आंबेडकर के सपनों को साकार किया जा रहा है।







