आसिया काज़ी (सोनी सब के ‘तेनाली रामा’ की शारदा)
मैं खुद को खुशकिस्मसत और भाग्यरशाली मानती हूं कि ईद के समय में मेरा परिवार मेरे साथ है। इस साल हम सब घर जा रहे हैं, इसलिये सभी एक साथ वक्त बिताने और सारे रस्मोंय-रिवाज निभाने के लिये बेहद खुश हैं। इस साल अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ ईद ना मना पाने का अफसोस होगा, क्योंकि आमतौर पर मैं शूटिंग में व्यस्त होने की वजह से उनसे मिल नहीं पाती थी। सिर्फ त्यौहार का ही समय ऐसा होता था जिसमें हम सब एक साथ होते थे। इस साल ईद मनाने का अनुभव अलग होने वाला है, लेकिन इस साल मैं सिर्फ इतना ही मांगूंगी कि परीक्षा की यह घड़ी जितनी जल्दी हो सके खत्म हो जाये।
इस दिन की सबसे खास बात होती है शीर ख़ुर्मा का बनना, जोकि जरूरी होता है। इस लजीज पकवान का जायका चखने के लिये मुझे इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। मुझे खाना पकाना पसंद है, तो मैं अपनी मॉम के साथ बिरयानी बनाऊंगी। इस दिन की छोटी-छोटी बातें मुझे अच्छी लगती है, जैसे चांद को देखने का इंतजार और पूरे परिवार की खुशी देखना। इसके बाद हम सारी तैयारियां शुरू करते हैं और सारा परिवार एक साथ होता है। यह दिन हमें एक परिवार के तौर पर सारी रस्में निभाने की याद दिलाता है, जहां हर साल मेरा परिवार बाकी दूसरे रिश्तेदारों के साथ मिलकर सलमान खान की फिल्म देखने जाता है, जोकि आमतौर पर ईद के दौरान रिलीज होती है। हम सलमान खान के बहुत बड़े फैन हैं। बिलकुल इस साल हमें उस परंपरा को ना निभा पाने की कमी खलेगी।
‘तेनाली रामा’ के अपने सभी फैन्सस और दर्शकों से मैं गुजारिश करना चाहूंगी कि सुरक्षित रहें और अपने परिवार के साथ इस दिन को मनायें। चाहें तो वर्चुअल माध्यम से इसे मनायें। यह एकता और सकारात्मकता का दिन होता है। मुझे उम्मीद है कि हम सब जिस मुश्किल घड़ी से गुजर रहे हैं उससे लड़ने की ताकत हासिल कर लेंगे। सभी को ईद मुबारक।
गुलफाम खान (सोनी सब के ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ की नाज़नीन चाची)
इस साल हम बड़े ही धूमधाम से उसी जोश के साथ घर पर ईद मनाने वाले हैं, जिस तरह हमेशा मनाया करते हैं, क्योंलकि इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या कर रहे हैं या कहां इसे सेलिब्रेट कर रहे हैं, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या् महसूस करते हैं। इस समय मेरे परिवार के सदस्यय अलग-अलग जगहों पर हैं और दो बहनें मुंबई में हैं लेकिन फिर भी हम मिल नहीं पायेंगे। पर हम वीडियो कॉल पर वर्चुअल तरीके से मिलेंगे। इस साल मैं ईद के लिये कपड़े की शॉपिंग नहीं कर पायी, क्यों कि हम सब घर में हैं, लेकिन मैं अपने सबसे अच्छे कपड़े पहनूंगी। इस दिन मुझे सजना-संवरना अच्छा लगता है।
खाने में शीर ख़ुर्मा होना जरूरी होता है और यह मेरा पसंदीदा है, खासकर ईद के पवित्र मौके पर। इस साल मैं एक खास पकवान बनाने वाली हूं, जिसे मैं काफी लंबे समय से बनाने के बारे में सोच रही थी। ईद की सबसे अच्छी बात होती है इस दिन से जुड़ा उत्साह, जैसा कि दिवाली और क्रिसमस में होता है। यह पॉजिटिविटी को लेकर है और हम अपने घर पर सारे त्यौहार उसी धूमधाम से मनाते हैं।
इस दिन मैं सबसे कहना चाहूंगी कि मुस्कुराते रहें और प्यार व खुशियां फैलाते रहें। यह बहुत जरूरी है कि हम अपनी जिंदगी को ईद के चांद की तरह रौशन बनायें और दिवाली के दीये की तरह उसे जगमगायें। यह समय भी बीत जायेगा और हम जल्द ही फिर से साथ होंगे। सभी लोगों को ईद मुबारक।







