कभी झूठ की नींव पर सफलता की इमारत खड़ी करने के सपने न देखें, क्योंकि ऐसी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं। इससे भले ही शुरूआती कामयाबी मिल जाए, लेकिन अंत हमेशा बुरा ही होता है। इसलिए सच के साथ आगे बढ़ने की सोचें, बढ़ें, क्योंकि यही स्थायी सफलता दिलाता है।







