किसानों को लाभ से कराया अवगत
सीएसआईआर-सीमैप ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की वैज्ञानिक विधि बनाने के साथ ही उसके लाभ भी बताए। इसके साथ ही देवरी रूखरा गांव में पहुंचे वैज्ञानिकों ने 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों को वर्मीटब का भी वितरण किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम मेें सीएसआईआर-सीमैप के कार्यकारी निदेशक डॉ. अब्दुल समद ने बताया कि वर्मीकम्पोस्ट खाद के उपयोग से खेतों की उर्वराशक्ति में वृद्धि होती है। इससे खेतों की शक्ति बढ़ती है, वहीं उर्वरा खाद से कई नुकसान भी हैं। इस कारण किसानों को वर्मी कम्पोस्ट का वैज्ञानिक ढंग से प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राकेश पाण्डेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार पूर्वक चर्चा की।
इस अवसर पर कुछ प्रगतिशील किसानों को वर्मी कम्पोस्ट बनाने की किट भी वितरित की गयी। कार्यक्रम में प्रोफेसर एचबी सिंह, डॉ. आरएस शुक्ला, डॉ. संतोष केदार तथा डॉ.अनिल कुमार सिंह ने विस्तार पूर्वक जैविक खेती पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया, जिसमें महिलायें भी बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।







