साहित्य यह तुम्हारे नयन हैं, या नयनाभिराम कोई भवन साहित्य August 16, 2017 पचास पार की तुम और जाने कितने समंदर सोखे तुम्हारी यह आंखें जैसे बिजली का एक नंगा तार हैं कि…