सुप्रीम कोर्ट स्टे के बावजूद सड़कों पर उतरीं पल्लवी पटेल
लखनऊ। अपना दल (कमेरावादी) की प्रमुख व सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने लखनऊ में यूजीसी (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशन 2026 के तत्काल लागू होने की मांग को लेकर विशाल मार्च निकाला। सैकड़ों महिलाएं, छात्र-युवा और सामाजिक संगठन उनके साथ थे।
पुलिस कार्रवाई के माध्यम से इस तरह की गई घेराबंदी :
- आईटी चौराहे से विधानसभा की ओर पैदल मार्च शुरू हुआ।
- रिजर्व पुलिस लाइन पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका।
- पल्लवी पटेल बैरिकेड पर चढ़ीं, तनाव बढ़ा।
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, पल्लवी पटेल को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले जाया गया।
- 15 मिनट की बातचीत के बाद भी सभी को उठाया गया।
पल्लवी पटेल का तीखा हमला : डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 उच्च शिक्षा में जाति, लिंग, धर्म या अक्षमता आधारित भेदभाव रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर लाया गया। यह SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक छात्रों के उत्पीड़न (जैसे रोहित वेमुला, पायल तडवी, दर्शन सोलंकी मामलों) को रोकने का जरिया है।
लेकिन भाजपा सरकार ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में फंसाकर अस्थायी स्टे लगवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “फूट डालो और राज करो” की नीति है, जो अगड़ा-पिछड़ा विभाजन बढ़ाती है। BHU और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में समर्थकों पर हमले हुए, लेकिन पुलिस ने लीपापोती की।
आंदोलन का ऐलान : पल्लवी पटेल ने घोषणा की कि रेगुलेशन लागू होने तक पूरे उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलेगा। नारे लगे: “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो”, “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो”।
बता दें कि यह घटना लखनऊ की सियासी गर्मी बढ़ा रही है, जहां सामाजिक न्याय की मांग पुलिस कार्रवाई से टकराई।







