राष्ट्रपति ने इन्वेस्टर्स समिट 2018 का किया समापन
निवेश को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है – श्री नाईक
समिट उत्तर प्रदेश के लिए नए युग की शुरूआत है – मुख्यमंत्री

समिट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री व उनकी टीम की प्रशंसा:
राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने समिट के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भूमि उपजाऊ है, प्रचुर मात्रा में जल एवं प्राकृतिक संसाधन हैं तथा बड़ी आबादी होने के कारण सबसे ज्यादा संख्या में मानव शक्ति भी उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश से किसानों और युवाओं का विकास होगा। प्रदेश कई मायनों में महत्वपूर्ण है। राजनीति का केन्द्र होने के कारण उत्तर प्रदेश ने देश को अब तक नौ प्रधानमंत्री दिए हैं। बड़े उपभोक्ता बाजार के साथ प्रदेश में अनेक स्तरीय शिक्षण संस्थान हैं। यूपी के विकास से देश के विकास को पूर्णता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण बनाने की आवश्यकता है कि आने वाला निवेशक ‘इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट’ के साथ ‘इमोशनल इन्वेस्टमेंट’ भी करें।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अर्थ शक्ति की पूरी संभावनाएं हैं। खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद तथा पशु पालन में भी असीम संभावनाएं हैं। चमड़ा उद्योग, कालीन उद्योग, वस्त्र उद्योग आदि में ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के माध्यम से अच्छा प्रस्तुतिकरण किया जा सकता है। प्रदेश का हर जिला अपने किसी न किसी उत्पाद के लिए विख्यात है। पर्यटन उद्योग में सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन से अलग पहचान मिल सकती है। उत्तर प्रदेश किसानों का क्षेत्र है, इस दृष्टि से छोटे किसानों को भी उचित अवसर मिलना चाहिए। राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सरकार सड़क, मेट्रो, बिजली आदि के क्षेत्र में सराहनीय प्रयास कर रही है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा और आधुनिक शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार की सराहना की।
राज्यपाल श्री राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया है। यूपी के विकास के इतिहास में यह समिट स्वर्णाक्षरों में लिखा जायेगा। समिट के माध्यम से प्रदेश में रूपये 4.28 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री स्वयं 16-17 घंटा काम करते हैं, उनके साथ प्रदेश का मंत्रिमण्डल, सांसद और विधायक व जनता जुडे़गी तो निश्चित रूप से प्रदेश का विकास होगा। राज्यपाल ने योजनाओं को पूरा करने के लिए ‘टाईम ओवर रन’ एवं ‘कास्ट ओवर रन’ की बात करते हुए कहा कि परियोजनाएं समय और लागत के अंदर पूरी हों। उत्तर प्रदेश में रोजगार का सृजन होगा तो यहाँ के निवासियों को अन्य प्रदेशों में रोजी-रोटी के लिए पलायन नहीं करना होगा। निवेश को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। जितनी तत्परता से काम होगा उतना ही प्रदेश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी महसूस करते हुए अपने दायित्व का निर्वहन प्रमाणिकता से करें।
…लेकिन उत्तर प्रदेश का समिट अधिक शानदार है: राज्यपाल
श्री नाईक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट की सराहना करते हुए कहा था कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वर्ष 2003 में उन्होंने इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था, लेकिन उत्तर प्रदेश का समिट अधिक शानदार है। राज्यपाल ने कहा कि वे राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। इस वर्ष 15 लाख से अधिक उपाधियाँ विश्वविद्यालय स्तर पर प्रदान की गई हैं। यदि केन्द्रीय और निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की संख्या को भी जोड़ा जायें तो लगभग 20 लाख शिक्षित मानव संसाधन प्रदेश में उपलब्ध है। निवेशक इस बात पर विचार करें कि इस शिक्षित मानव संसाधन को कैसे उत्पादक बनाकर रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए अनुकूल वातावरण से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। राज्यपाल ने यह भी बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के समाचार जानकर उनके पास इंग्लैण्ड से उत्तर प्रदेश कम्युनिटी एसोसिएशन का पत्र आया है कि वे भी उत्तर प्रदेश का सहयोग करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने रोड मैप तैयार किया है कि वंचितों, किसानों और महिलाओं तक कैसे विकास पहुंचे। रोड मैप तैयार करने की पहली कड़ी ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ थी जिसके माध्यम से ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ की शुरूआत की गई। देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका है। समिट में लगभग 6 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 120 वक्ताओं ने अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित यूपी डिफेंस काॅरिडोर के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समिट उत्तर प्रदेश के लिए नए युग की शुरूआत है।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार ग्रामीण अवस्थापना, प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा निर्णय लेने की क्षमता के माध्यम से प्रदेश को आगे ले जाएगी। उन्होंने कहा कि विदेशी एवं देशी निवेश हेतु देश और प्रान्त को निवेशकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनाएं।
कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा मुख्य सचिव राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री राजनाथ सिंह व राज्य मंत्रिमण्डल के अन्य सदस्यों ने राष्ट्रपति का अमौसी हवाई अड्डे पर स्वागत किया तथा समिट के समापन समारोह के उपरान्त उन्हें हवाई अड्डे से विदाई दी।






