राज्य ललित कला अकादमी के 56वें स्थापना दिवस पर वरिष्ठ व युवा कलाकार भी होंगे सम्मानित

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लखनऊः 07 फरवरी, 2018: राज्य ललित कला अकादमी, उप्र के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर 08 से 14 फरवरी, 2018 तक वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान के साथ युवा एवं स्थापित कलाकारों के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय चित्रकार शिविर, कला मेला, प्रमाण-पत्र वितरण, राष्ट्रीय परिचर्चा, सजीव चित्र सृजन प्रदर्शन आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

यह जानकारी सचिव संस्कृति जगत राज ने आज प्रेस प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त करने वाले और प्रदेश को गौरवान्वित करने वाले युवा कलाकार, स्थापित कलाकारों के साथ ही वरिष्ठ कलाकारों को प्रोत्साहित व सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान एक राष्ट्रीय चित्रकार शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ललित कला अकादमी, नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार और राज्य ललित कला अकादमी, उप्र से अखिल भारतीय कला-प्रदर्शनी में पुरस्कार प्राप्त उत्तर प्रदेश के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। कलाकारों द्वारा इस शिविर में दो-दो कलाकृतियों का सृजन किया जायेगा।

उन्होंने अवगत कराया कि इस कार्यक्रम में एक कला मेला, जिसमें दृश्यकला की लगभग 33 कला प्रदर्शनियों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। इसमें अधिक से अधिक युवा एवं वरिष्ठ कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु अकादमी द्वारा दृश्यकला के शिक्षण संस्थानों एवं कला संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में अकादमी के समकालीन संग्रह से चयनित कृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोजित कार्यक्रम में 11 से 14 फरवरी, 2018 तक ‘‘दृश्यकला के विविध स्वरूप-समकालीन कला के परिप्रेक्ष्य में’’ पर आधारित कला परिचर्चा का आयोजन किया जायेगा। इसमें अकादमी द्वारा विद्वतजनों को आमंत्रित किया गया है जो विषयानुसार अपने विचारों को प्रस्तुत करेंगे।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 14 फरवरी, 2018 को प्रदेश के पांच वरिष्ठ कलाकार जिन्होंने कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया है एवं अपनी पहचान के साथ उत्तर प्रदेश के कला परिदृश्य को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है उनका अकादमी द्वारा प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व शाल भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इसके साथ ही कला मेला में कलाकृतियां प्रदर्शन व विक्रय हेतु भी प्रदर्शित की जा रही है। इसी अवसर पर अकादमी द्वारा कराये गये कला विषयक प्रकाशनों का विक्रय भी किया जायेगा।

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