शिवाजी का जीवन अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक: राज्यपाल
लखनऊ: 19 फरवरी, 2018: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्रपति वीर शिवाजी की जयंती के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर शिवाजी की जन्मस्थली शिवनेर से शिवज्योत भी लायी गयी थी।
राज्यपाल ने कहा कि वीर शिवाजी की जयन्ती हम सभी को स्फूर्ति प्रदान करती है। उनका जीवन अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक है, जो हमारे नौजवानों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हमारी एकता की भावना को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी की वीरता और प्रशासनिक क्षमता अद्भुत थी। शिवाजी ने हमेशा विपरीत परिस्थितियों में अपने शौर्य और पराक्रम का लोहा मनवाया। शिवाजी का जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम के आयोजकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अपने इतिहास को जीवन्त बनाये रखने का यह प्रयास सराहनीय है। जो जाति अपने इतिहास को भुला देती है, वह अपने भूगोल की भी रक्षा नहीं कर पाती है।
योगी ने कहा कि शिवाजी हिन्द स्वराज की स्थापना के लिए हमेशा संघर्षरत रहे। उन्होंने अपने दुर्गाें की रक्षा के लिए परिवारवाद को कभी जगह नहीं दी। उनकी यह शिक्षा वर्तमान परिवेश के लिए भी संदेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी ने तत्कालीन समय के अनुरूप गुरिल्ला युद्ध नीति अपनायी थी। उन्होंने नौसेना भी तैयार की थी। भारतीय नौसेना का उन्हें जनक माना जाता है। आम जन में ‘स्व’ का भाव पैदा करना उनका मुख्य उद्देश्य था, जो आज भी हमें राष्ट्रीयता को मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद लालजी टण्डन, विधायक नीरज बोरा, मराठा समाज के अनेक कार्यकर्ता सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता प्रदान की
लखनऊ: 19 फरवरी, 2018: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गम्भीर बीमारियों से ग्रसित विभिन्न जनपदों के 71 व्यक्तियों को 91 लाख 76 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दी गई है।
यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि लाभार्थियों में जनपद मिर्जापुर के पवन केसरी, इलाहाबाद के राजीव कुमार जायसवाल, बिजनौर के फरमान आदि शामिल हैं। लाभार्थियों में अधिकतर कैंसर, हृदय, किडनी तथा लिवर से सम्बन्धित बीमारियों से ग्रसित हैं।
———–







