टीबी रोगियों के न्यूट्रीशन के लिए केन्द्र द्वारा 500 रुपए प्रतिमाह की व्यवस्था सराहनीय: मुख्यमंत्री

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  • देश से टीबी के उन्मूलन के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि जन-जागरूकता और जन सहभागिता से ही सम्भव 
  • राज्य सरकार 02 अप्रैल से 16 अप्रैल, 2018 तक जेई/एईएस के बचाव एवं उपचार के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान संचालित करेगी

लखनऊ, 24 मार्च : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के लक्ष्य से 05 वर्ष पूर्व, वर्ष 2025 तक देश से टीबी के उन्मूलन के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि इस रोग के उपचार के सम्बन्ध में जन-जागरूकता और जन सहभागिता से ही सम्भव है। देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण इस संकल्प की सिद्धि में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सर्वाधिक है। टीबी के उन्मूलन के लिए समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक शासन की सम्बन्धित योजनाओं को मिशन मोड में काम करके पहुंचाए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री आज यहां ‘विश्व क्षय रोग दिवस’ पर आयोजित गोष्ठी ‘यूपीटेटीबी, टीबी हारेगा-यूपी जीतेगा’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से देश ने पोलियो उन्मूलन में सफलता प्राप्त की है। सबकी भागीदारी सुनिश्चित कर वैसी ही सफलता टीबी उन्मूलन में भी प्राप्त की जा सकती है। दुनिया में 01 करोड़ से अधिक टीबी रोगी हैं। इनमें से लगभग 27 प्रतिशत भारत वर्ष में हैं। उत्तर प्रदेश में भी टीबी रोगियों की संख्या काफी है। देश का सबसे बड़ा प्रदेश होने के कारण देश-प्रदेश से टीबी उन्मूलन में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी बड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी रोगियों के उपचार के लिए संचालित डाॅट्स योजना बहुत अच्छी है। इस योजना में निःशुल्क उपचार आदि की जानकारी रोगी को उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही, रोगी के परिवार को भी इस रोग के सम्बन्ध में जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। इस रोग के सम्बन्ध में प्रचलित अंधविश्वास, रूढ़िवादिता से उपचार कठिन हो जाता है। उपचार को बीच में छोड़ देने पर भी यह रोग जटिल हो जाता है।
श्री योगी ने कहा कि न्यूट्रीशन की कमी से जूझने वाला तबका इस रोग से सर्वाधिक प्रभावित होता है। इसलिए केन्द्र सरकार द्वारा टीबी रोगियों के न्यूट्रीशन के लिए 500 रुपए प्रतिमाह की व्यवस्था सराहनीय है। उन्होंने टीबी के उपचार से सम्बन्धित सभी लोगों का आह्वान किया कि वे इस रोग के उपचार के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निःशुल्क दवा, न्यूट्रीशन के लिए धनराशि की व्यवस्था आदि को जन सामान्य तक पहुंचाए।
इस मौके पर योगी ने गोरखपुर में वायरोलाॅजी सेण्टर की स्थापना तथा इस वर्ष प्रदेश में 08 नये मेडिकल काॅलेज देने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही 13 राजकीय मेडिकल काॅलेज संचालित हैं, 06 मेडिकल काॅलेज बन रहे हैं। 08 नये मेडिकल काॅलेज मिल जाने से प्रदेश के प्रत्येक मण्डल में मेडिकल काॅलेज होने के साथ ही तीन संसदीय क्षेत्रों के मध्य कम से कम एक मेडिकल काॅलेज की स्थापना का प्रधानमंत्री जी संकल्प भी पूरा हो जाएगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश से टीबी रोग के उन्मूलन के लिए विशिष्ट और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। देश भर में 1100 से अधिक सीबीनेट मशीनों की स्थापना करायी गयी है। स्थानीय जरूरतों के दृष्टिगत नेशनल स्टैªटजिक प्लान बनाया गया है। निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे टीबी मरीजों को चिन्हित करने के लिए ‘निश्चय पोर्टल’ लाॅन्च किया गया है। टीबी मरीजों के लिए निःशुल्क दवा तथ न्यूट्रीशन के लिए धनराशि की व्यवस्था भी की गई है।
श्री नड्डा ने कहा कि टीबी असाध्य बीमारी नहीं है। नियमित दवा और समुचित पोषण से 06 माह में इससे छुटकारा पाया जा सकता है। टीबी के उन्मूलन में प्रदेश की भूमिका की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य सरकार को तथा फील्ड में कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं को पूरा सहयोग करेगी। इस मौके पर उन्होंने जेई/एईएस से बचाव एवं उपचार के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए गोरखपुर में वायरोलाॅजी सेण्टर की स्थापना की घोषणा की।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि टीबी रोग आज भी दुनिया के लिए एक चुनौती बना हुआ है। देश में दुनिया के एक चैथाई टीबी रोगी हैं। देश में प्रत्येक वर्ष लगभग सवा चार लाख लोगों की मृत्यु टीबी से होती है। टीबी रोग के उन्मूलन के लिए जन सहयोग और सबकी भागीदारी आवश्यक है। केन्द्र सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए अनेक कदम उठाए हैं। इसमें नेशनल स्टैªटजिक प्लान का गठन, निःशुल्क दवा और जांच, नई और प्रभावी दवा का इस्तेमाल, टीबी रोग को सूचनीय रोग बनाया जाना, टी0बी0 रोगियों के न्यूट्रीशन के लिए 500 रुपए प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित करने की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक टीबी से मुक्ति का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस तिथि से 05 वर्ष पूर्व वर्ष 2025 तक भारतवर्ष टीबी रोग के उन्मूलन का संकल्प लिया है। भारत से टीबी के उन्मूलन के लिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश से टीबी को समाप्त करना पड़ेगा। विश्व के टीबी रोगियों की संख्या का 27 से 30 प्रतिशत भारत में है। इसका 20 से 22 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। देश में प्रत्येक तीन मिनट में 02 लोगों की मृत्यु टीबी से होती है। टीबी का इलाज सम्भव है। राज्य सरकार टीबी मरीजों को समुचित इलाज उपलब्ध कराने के लिए हर सम्भव कदम उठा रही है। प्रदेश से टीबी के उन्मूलन के लिए हम सबको मिलजुल कर समेकित प्रयास करने की आवश्यकता है, जिससे टीबी हारे और प्रदेश जीते।
श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार 02 अप्रैल से 16 अप्रैल, 2018 तक जेई/एईएस के सम्बन्ध में जागरूकता पैदा करने के लिए यूनीसेफ के माध्यम से अभियान संचालित करने जा रही है। इस दौरान इस रोग से बचाव, उपचार और प्रदेश सरकार द्वारा उपचार के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जेई/एईएस के उपचार के लिए 100 अतिरिक्त वेन्टीलेटर की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार टेली कंसल्टेशन एवं टेली मेडिसिन की योजना पर भी काम कर रही है। कार्यक्रम को प्रदेश की परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान रिमोट के माध्यम से 65 सीबीनेट मशीनों तथा 56 डीआरटीबी केन्द्रों तथा अत्याधुनिक जांच हेतु 02 मोबाइल वैन का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री जी द्वारा फील्ड स्टाफ को टैबलेट वितरण तथा पुस्तिका ‘टी0बी0 रोड प्लान’ का विमोचन किया गया। इस दौरान ‘टीबी हारेगा-यूपी जीतेगा’ फिल्म का प्रस्तुतिकरण भी हुआ। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डाॅ. महेन्द्र सिंह, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री प्रशान्त त्रिवेदी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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