केवल आंकड़ों से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता

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  • कानून-व्यवस्था और विकास हकीकत की जमीन पर नजर आना चाहिए
  • मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ की कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा की
लखनऊ: 23 अप्रैल।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रतापगढ़ में कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कानून-व्यवस्था तथा भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन पर विशेष जोर देते हुये कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों में सीधी दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुये जिला प्रशासन को हिदायत दी की कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में बताये गये आंकड़ों के आधार पर सुधार और विकास का परीक्षण नहीं किया जाएगा, बल्कि हर हाल में कानून-व्यवस्था जमीन पर बेहतर हालत में दिखनी चाहिये। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत किये गये आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुये कहा कि हालात आंकड़ों से नही आंके जाते। कानून-व्यवस्था आम आदमी के दिल-दिमाग में विश्वास के रूप में दिखनी चाहिये। बेहतर कानून-व्यवस्था सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा के रूप में दिखायी देनी चाहिये।
उन्होंने जनपद में एन्टी रोमियो अभियान को और सशक्त बनाने तथा विमेन पावर लाइन ‘1090’ को प्रभावी ढंग से संचालित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने पीड़ित फरियादियों के लिये थाने में सम्मान और सुविधा का वातावरण सृजित करने के लिये अधिकारियों को हिदायत दी और कहा कि सबसे पहले, आने वाले फरियादियों के बैठने और उनकी सांत्वना की व्यवस्था की जाये ताकि उनके मन में सरकार का सहयोग प्राप्त होने का विश्वास पैदा हो सके। साथ ही, हर फरियादी की शिकायत पर थाने में भी विवेचना गुण-दोष के आधार पर की जानी चाहिये।
मुख्यमंत्री ने आम आदमी को शासन द्वारा चलायी जा रही लोक कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराते रहने के लिये सभी जनपदों में जन सुरक्षा एवं जन सुविधा अभियान संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कानून-व्यवस्था के प्रभावी नियंत्रण के लिये जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को सीधी जिम्मेदारी दी और कहा कि ये वरिष्ठ अधिकारी थानों में जाकर स्वयं इस बात का निरीक्षण करें कि अपराध नियंत्रण के सम्बन्ध में आंकड़े फर्जी तौर पर प्रस्तुत न किये जायें। कानून-व्यवस्था में सुधार का प्रयास हकीकत में हर स्तर पर नजर आना चाहिये।
गरीब जरूरतमंद बीमार व्यक्तियों के लिये ग्राम निधि से 5000 रू. की सहायता तत्काल दिये जाने के लिये व्यवस्था करने के मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा कि हर प्रकार की छात्रवृत्तियां साल में दो बार 02 अक्टूबर और 26 जनवरी तक खातों में प्राप्त हो जानी चाहिये तथा इसकी समीक्षा इन तिथियों तक न्यूनतम दो बार अवश्य की जाये। उन्होंने पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति की छात्रवृत्तियों को अनिवार्य रूप से सम्बन्धितों के खाते में समय से पहुंचा दिये जाने पर जोर दिया।

सौभाग्य योजना में हीला-हवाली करने वाली एजेन्सी के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुये गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुये कहा कि जनप्रतिनिधियों को एक टोल फ्री नम्बर उपलब्ध करा दिया जाये, जिस पर जनता इस सम्बन्ध में अपना फीड बैक तथा शिकायतें उनके माध्यम से तत्काल पहुंचा सके। उन्होंने सौभाग्य योजना में हीला-हवाली करने वाली एजेन्सी के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये।
बैठक के प्रारम्भ में योगी जी ने विकास कार्यों से सम्बन्धित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। बैठक में प्रभारी मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा मंत्री श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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