78 हजार संविदा कर्मियों की बड़ी मांग
संगठन का फैसला : ऊर्जा निगमों के करीब 78 हजार संविदा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग को लेकर विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने बड़ा फैसला लिया है। रविवार को लखनऊ के नरही स्थित केंद्रीय कार्यालय में हुई बैठक में संगठन ने कहा कि अगर जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो 25 नवंबर को पूरे प्रदेश के सभी जिलों में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा। इसके अलावा 10 दिसंबर को शक्ति भवन पर विशाल रैली भी आयोजित की जाएगी।
बैठक में क्या हुआ?
प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के प्रांतीय प्रभारी पुनीत राय समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। पुनीत राय ने कहा कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था की रीढ़ संविदा कर्मी ही हैं, लेकिन उनके हितों की बात आने पर सरकार मौन हो जाती है। अब शोषण बढ़ने के कारण प्रदर्शन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
अन्य प्रमुख मांगें
संगठन ने संविदा कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन 22,000 रुपये तथा एसएसओ और लाइनमैन के लिए 25,000 रुपये प्रतिमाह तय करने की भी मांग की है। साथ ही संविदा कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल न करने की संस्तुति की बैठक में कड़ी निंदा की गई।
वरिष्ठ मजदूर नेता आर.एस. राय ने सभी संविदा कर्मियों से एकजुट होकर संघर्ष में शामिल होने की अपील की।







