विश्वकर्मा क्लीनिक में निःशुल्क आयुर्वेदिक शिविर का आयोजन, झंडू-इमामी बनी प्रायोजक; अगले वर्ष तक नियमित शिविरों की घोषणा
अतर्रा (बांदा)। बच्चों के स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अतर्रा स्थित विश्वकर्मा क्लीनिक में निःशुल्क स्वर्ण प्राशन शिविर आयोजित किया गया। शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार विश्वकर्मा के संयोजन में हुए इस शिविर में करीब 350 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक दी गई। शिविर में अतर्रा के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. सुमन यादव ने आयुर्वेद की कौमारभृत्य विधा में स्वर्ण प्राशन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य और विकास में पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियों की भूमिका पर चर्चा की। विशिष्ट अतिथि अतर्रा पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. पी.के. विश्वकर्मा और ग्राम विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य जागरूकता को जरूरी बताया।
शिविर में झंडू-इमामी कंपनी ने मुख्य प्रायोजक की भूमिका निभाई। कंपनी के बांदा-चित्रकूट एरिया सेल्स ऑफिसर रोहित गुप्ता ने उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं में सहयोग किया। दूरदराज से आए बच्चों और अभिभावकों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम का संचालन धीरेंद्र विश्वकर्मा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. प्रगति शर्मा और अरविंद विश्वकर्मा का विशेष योगदान रहा।
हर महीने लगेगा निःशुल्क शिविर
आयोजकों के मुताबिक बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आयुर्वेदिक परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी पुष्य नक्षत्र की तिथियों पर भी विश्वकर्मा क्लीनिक, बांदा रोड, अतर्रा में निःशुल्क शिविर लगाए जाएंगे। वर्ष 2026 में 25 दिसंबर और वर्ष 2027 में 22 जनवरी से 16 दिसंबर तक निर्धारित तिथियों पर इनका आयोजन प्रस्तावित है। शिविर में पहुंचे अभिभावकों ने आयोजन की सराहना की।







