लखनऊ, 01 जनवरी। लखनऊ छावनी स्थित 11वीं गोरखा राइफ़ल्स रेजिमेन्टल सेन्टर का 71वाॅं स्थापना दिवस आज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत रेजिमेन्टल सेन्टर के सेनानायक ब्रिगेडियर पंकज सिंह ने रेजिमेन्ट के क्वार्टर गार्ड में रेजिमेन्टल ध्वज फहराकर की। इसके बाद ब्रिगेडियर पंकज सिंह ने रेजिमेन्टल सेन्टर के युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण कर उन वीर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान किया। सेना की एक टुकड़ी ने अपने शस्त्र उल्टे कर सलामी दी तथा अंतिम धुन बजाई। शहीद सैनिकों की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

इस दौरान रेजिमेन्टल सेन्टर में एक विषेश मंदिर पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें रेजिमेन्टल सेन्टर के कर्मियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस समारोह के दौरान एक ‘विशेष सैनिक सम्मेलन’ भी आयोजित किया गया। स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत ‘पागल जिमखाना’ तथा ‘विशेष बड़ाखाना’ का भी आयोजन किया गया जिसमें रेजिमेन्ट के सभी रैंकों के कर्मी, भूतपूर्व सैनिक, असैन्यकर्मी एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।
11वीं गोरखा राइफ़ल्स का उद्भव देश की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 01 जनवरी 1948 को हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा घाटी के पालमपुर में हुआ। ‘वी द मेटाफार फार विक्ट्री ’अर्थात ‘यत्राहं विजयस्त्रा’ के आदर्श वाक्य को अपनाते हुए 11वीं गोरखा राइफ़ल्स युद्ध हो या शांति, रेजिमेन्ट ने विगत 70 वर्षो में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। 11वीं गोरखा राइफ़ल्स रेजिमेन्टल सेन्टर के सैनिकों ने अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अनेक वीरता पदक प्राप्त किये हैं जिनमें एक सर्वोच्च वीरता पदक ‘परमवीर चक्र’ भी शामिल है जो वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन मनोज पाण्डेय को मरणोपरान्त प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त 11वीं गोरखा राइफ़ल्स रेजिमेन्टल सेन्टर को 04 अशोक चक्र, 14 परम विषिश्ट सेवा पदक, 02 महावीर चक्र, 03 कीर्ति चक्र, 02 उत्तम युद्ध सेवा पदक, 19 अति विशिस्ट सेवा पदक, 14 वीर चक्र, 13 शौर्य चक्र, 04 युद्ध सेवा पदक, 01 उत्तम जीवन रक्षा पदक, 89 सेना पदक, 31 विशिस्ट सेवा पदक, सहित 31 ‘मेंशियन -इन-डिस्पैचेज’ शामिल है। इसके साथ ही 03 ‘बैटल आॅनर’, 04 ‘थीयेटर आॅनर’, सेनाध्यक्ष के 03 ‘यूनिट प्रशंषा पत्र’ तथा जनरल आॅफीसर कमांडिंग-इन-चीफ के 08 ‘यूनिट प्रषंसा पत्र’ से सम्मानित किया गया है।






