उल्लास बाल पर्व: 32 साल से बच्चों का रंगीन सफर
लखनऊ | बच्चों की सृजनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को समर्पित “उल्लास बाल पर्व” अपने 32वें वर्ष में पहुंच चुका है। यायावर रंगमंडल द्वारा आयोजित यह पर्व 29 और 30 जून को राय उमानाथ बाली में धूमधाम से मनाया जाएगा।
32 वर्षों का निरंतर सफर
पिछले 32 साल से यायावर रंगमंडल लगातार बच्चों के सर्वांगीण विकास पर फोकस कर रहा है। बाल रंगमंच को बढ़ावा देने, कलात्मक दृष्टि विकसित करने और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने में यह संस्था प्रदेश की अग्रणी संस्थाओं में शुमार है।
खास तैयारी, बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर
रंगमंडल के निदेशक पुनीत मित्तल ने बताया कि ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में बच्चों को किसी भीड़-भाड़ वाली आम ट्रेनिंग नहीं दी जाती। बल्कि उनके उम्र, रुचि और मनोविज्ञान को समझते हुए विशेषज्ञों द्वारा विशेष रूप से तैयार वर्कशॉप आयोजित की जाती हैं।
इस बार तीन केंद्रों पर 40 दिवसीय कार्यशालाएं
उल्लास बाल पर्व-2026 के तहत तीन अलग-अलग केंद्रों पर 40 दिवसीय रंगमंचीय कार्यशालाएं सफलतापूर्वक पूरी की गईं:
- इंदिरा नगर – के.के. अकादमी
- गोमती नगर – सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज
- जानकीपुरम – पूरन शिक्षा केंद्र
अब इन कार्यशालाओं में तैयार हुए बच्चों का प्रदर्शन 29 और 30 जून को राय उमानाथ बाली में देखने को मिलेगा।
बता दें कि यह पर्व न सिर्फ बच्चों के लिए बल्कि अभिभावकों के लिए भी एक यादगार अनुभव साबित होने वाला है, जहां बच्चे मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाकर दर्शकों का दिल जीतेंगे।







