चन्द्रशेखर चबूतरा पर जेपी और चन्द्रशेखर को याद किया
लखनऊ | लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के संरक्षक एवं पूर्व मंत्री यशवंत सिंह ने कहा कि आपातकाल भारतीय आजादी और लोकतंत्र के चेहरे पर शर्मनाक काला धब्बा है, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता।
25-26 जून 1975 की वह खौफनाक रात
गुरुवार को चन्द्रशेखर चबूतरा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यशवंत सिंह ने कहा कि 25/26 जून 1975 की रात लोकतंत्र के लिए सबसे अंधेरी रात थी। इंदिरा गांधी सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण, राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी, चौधरी चरण सिंह, राजनारायण समेत लाखों लोकतंत्र सेनानियों को जेल भेज दिया।
जनता ने दिया करारा जवाब
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने सोचा था कि लोग आपातकाल के पक्ष में हैं, लेकिन देश की जनता ने इसे चुनौती माना और उत्तर भारत से कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। यशवंत सिंह ने गर्व के साथ कहा कि तानाशाही बनाम लोकतंत्र की इस लड़ाई में हम भी शामिल रहे।
विशेष रूप से याद किए गए महानायक
सभा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण और चन्द्रशेखर को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार, जनकवि एवं लोकतंत्र सेनानी धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने की।
उपस्थित प्रमुख लोग:
- पूर्व विधायक कुबेर भंडारी
- भाजपा नेता रामहृदय राम
- सामाजिक सेनानी अर्जुन सिंह, मनोज सिंह, संयोग सिंह सहित कई लोकतंत्र सेनानी
यह सभा आपातकाल की याद दिलाते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहने का संदेश देने वाली रही।







