Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, October 4
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»धर्म

    प्रयागराज में स्नान कर पापों से मुक्त होते है लोग!

    By January 26, 2018 धर्म No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 531

    माघ मास का जितना हमारे जीवन में आयुर्वेदिक महत्व है, उतना ही धार्मिक भी। श्रीरामचरितमानस, पद्मपुराण, मत्स्यपुराण, महाभारत और निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों में इस महीने की महिमा का वर्णन है। इस महीने में किए गए स्नान, दान, तप और तीर्थराज प्रयाग में कल्पवास को अनेक यज्ञों के समान माना गया है।

    प्रयाग में संगम में डुबकी लगाने के लिए देशभर से श्रद्धालु एकत्र होते हैं। ये श्रद्धालु एक महीने तक कल्पवास करते हैं, जिसे आम भाषा में माघ मेला कहा जाता है। संगम के किनारे मेला क्षेत्र में पूरा शहर बस जाता है। माना जाता है कि माघ में 33 करोड़ देवी-देवता तीर्थराज प्रयाग आते हैं।

    सनातनधर्मी उनका आशीर्वाद लेने यहां एकत्र होते हैं। कल्पवासी एक महीने तक कठिन नियमों और व्रतों का पालन करते हैं। उनका दिन ब्रह्ममुहूर्त से आरंभ हो जाता है। संगम में स्नान के बाद वे ध्यान, पूजा-पाठ और दान करते हैं। कई कल्पवासी एक समय ही भोजन करते हैं।

    कल्पवास का अर्थ है काया का शोधन:

    कहा जाता है कि प्रयागराज में एक महीने का कल्पवास करने से अनेक अश्वमेध यज्ञों के समान फल मिलता है। कल्पवास का अर्थ है काया का शोधन, लेकिन यहां काया शोधन के साथ- साथ मन और आत्मा का शोधन भी किया जाता है। भारत और ब्रिटेन के मनोवैज्ञानिकों ने 1,000 कल्पवासियों पर शोध किया और पाया कि उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता में सकारात्मक परिवर्तन हुए।

    रोगों से मुक्ति:

    शारीरिक क्षमता बढ़ी और रोगों से मुक्ति मिली। कल्पवास पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक रहता है। कहा जाता है कि जो नियमपूर्वक उत्तम व्रत का पालन करते हुए माघ मास में प्रयागराज में स्नान करता है, वह सब पापों से मुक्त होकर स्वर्ग को जाता है। माघ महीने के हर दिन को पर्व माना गया है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी का शकट चतुर्थी व्रत होता है, जिसे तिलकुटा चतुर्थी भी कहते हैं।

    तिलकुट का महत्त्व:

    तिल और गुड़ से तिलकुट बनाया जाता है जिसका गणेश को भोग लगाने के साथ-साथ स्वयं भी सेवन किया जाता है। आयुर्वेद में तो यह भी कहा गया है कि इस महीने में तिल को अपने भोजन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। रोटी बनाते समय आटे और खिचड़ी में तिल डालें। इससे सालभर का कैल्शियम शरीर में एकत्र हो जाता है।

    Keep Reading

    जब एकादशी का पुण्य जुड़ता है पितरों के कल्याण से: 6 अक्टूबर को इन्दिरा एकादशी

    Pitru Paksha 2026: Shraddh rituals to begin on September 26; Sarvapitra Amavasya on October 10.

    पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरू होगी श्राद्ध परंपरा, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या

    Anant Chaturdashi is on September 25; Lord Vishnu's 'Anant' (infinite) form will be worshipped.

    अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होगी पूजा

    वामन द्वादशी आज: भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा, पूजा-विधि और महत्त्व

    Lucknow Ganesh Visarjan

    ढोल-नगाड़ों के बीच निकली गणपति विसर्जन शोभायात्रा, उमड़े श्रद्धालु

    The supreme Parivartini Ekadashi, which bestows merit, heaven, and liberation, and destroys sins.

    पुण्य, स्वर्ग और मोक्ष को देने वाली व पापों का नाश करने वाली उत्तम परिवर्तिनी एकादशी

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuj Yadav becomes Lucknow's chess champion; wins the title with 5.5 points after drawing the final game.

    अनुज यादव बने लखनऊ के शतरंज चैंपियन, आखिरी बाजी ड्रॉ कर 5.5 अंक से जीता खिताब

    October 4, 2026

    जब एकादशी का पुण्य जुड़ता है पितरों के कल्याण से: 6 अक्टूबर को इन्दिरा एकादशी

    October 4, 2026
    Women's hospital to open soon in Tikvapur; auditorium to be built.

    टिकवांपुर जल्द खुलेगा महिला अस्पताल, बनेगा प्रेक्षागृह

    October 3, 2026

    Razorpay के व्यापारी अब बिना कार्ड विवरण दर्ज किए और OTP का इंतज़ार किए ऑनलाइन व स्टोर में Apple Pay स्वीकार कर सकते हैं

    October 1, 2026
    Nyrraa M Banerji’s Glamorous Style in Front of the Camera

    हर फ्रेम में छाईं न्यारा एम बनर्जी, दिखा स्टाइलिश अंदाज

    October 1, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading